जम्मू-कश्मीर: सुरंग में भूस्खलन से करोड़ों रुपयों की मशीनरी क्षतिग्रस्त, तीन कर्मचारी घायल
उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल लिंक परियोजना के खनीकोट व सावलाकोट फेज को मिलाने के लिए बनाई जा रही सुरंग 13 में शनिवार देर शाम को भूस्खलन हो गया। इस दौरान गिरे मलबे में तीन कर्मचारी और करोड़ों रुपयों की मशीनरी क्षतिग्रस्त हो गई।
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रियासी जिले में उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल लिंक परियोजना के खनीकोट व सावलाकोट फेज को मिलाने के लिए बनाई जा रही सुरंग 13 में शनिवार देर शाम को भूस्खलन हो गया। इस दौरान गिरे मलबे में तीन कर्मचारी और करोड़ों रुपयों की मशीनरी क्षतिग्रस्त हो गई। घायलों को खतरे से बाहर बताया जा रहा है।
रविवार को रेलवे के उच्चाधिकारी स्थिति का जायजा लेने घटनास्थल पर पहुंचे। प्राथमिक रिपोर्ट में बताया जाता है कि सुरंग के ऊपर स्थित पहाड़ी से भूस्खलन सुरंग में हुआ और नुकसान पहुंचा। वहीं, उसके आस-पास रखी मशीनरी भी क्षतिग्रस्त हो गई। इस दौरान कुछ कर्मचारी ही काम कर रहे थे। पहाड़ी से मलबा गिरने की आवाज सुनकर उन्होंने स्थिति को भांपा, और वहां से कुछ दूरी पर चले गए। इसी दौरान पहाड़ी का बड़ा हिस्सा भरभरा कर गिरा।
समय न होने के कारण मौके पर रखी मशीनरी को हटाया नहीं जा सका। जिससे वह मलबे की चपेट में आ गई। भूस्खलन को रोकने के लिए पहाड़ी पर बनाए गए सीमेंट के पक्के स्लैब भी ढह गए। पहाड़ी से गिरे पत्थरों की चपेट में आने से तीन कर्मचारी घायल हुए हैं, जिनको कंपनी की तरफ से ही मौके पर उपचार दिया गया।
एक कर्मचारी ने बताया कि पिछले सप्ताह हुई बारिश के बाद से ही पहाड़ी से मलबा गिरने की आशंका थी। जिसके चलते काम को काफी धीमी गति से कम कर्मचारियों की उपस्थिति में किया जा रहा था। मौके पर ज्यादा कर्मचारी न होने से बहुत बड़ा हादसा टल गया। घायलों की पहचान मंजीत सिंह, मोहम्मद सलीम तथा रियाज के रूप में हुई है।
अफरातफरी के दौरान तीन कर्मचारियों को मामूली चोटें आई है। उनको कंपनी की तरफ से ही उपचार दिया गया है। सभी की हालात खतरे से बाहर है। - मनोज कुमार, वीसीसीएल कंपनी के मैनेजर एचआर
सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट है
उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल लिंक परियोजना मोदी सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत है। इस परियोजना के तहत श्री माता वैष्णो देवी के आधार शिविर कटड़ा तक रेल पहुंच चुकी है। कटड़ा से बनिहाल रेलवे ट्रैक को पूरा करने का काम जारी है। जिले के खनीकोट को सावलाकोट से मिलाने के लिए लगभग साढ़े नौ किलोमीटर लंबी सुरंग 13 को बनाने का काम जारी है। सुरंग बनने के बाद इस परियोजना के जल्द पूरा होने की संभावना में तेजी आएगी। इसी परियोजना पर कोड़ी तथा बक्कल रेलवे स्टेशन को मिलाने के लिए दरिया चिनाब पर विश्व का सबसे ऊंचा पुल भी बन रहा है। जिसकी ऊंचाई सतह से 359 मीटर है।