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Jammu News: खामोशी से मौत की ओर खींच ले जाता है उच्च रक्तचाप
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विश्व उच्च रक्तचाप दिवस आज
जीवनशैली में बदलाव, बढ़ता शहरीकरण, असंतुलित आहार, तनाव और मोटापा हैं बड़े कारण
जीएमसी जम्मू के कार्डियोलाजी विभाग में 30 से 35 प्रतिशत मरीज उच्च रक्तचाप के पहुंच रहे
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जीवनशैली में बदलाव, बढ़ता शहरीकरण, असंतुलित आहार, तनाव, मोटापा आदि कारणों से उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) जीवन का एक हिस्सा बनता जा रहा है। इससे ग्रस्त होकर युवाओं में भी हार्ट अटैक, किडनी फेलियर, ब्रेन स्ट्रोक की समस्या बढ़ रही है। जीएमसी जम्मू में पहुंचने वाला हर तीसरा व्यक्ति रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) से पीड़ित है। चिंता यह है कि समाज के एक बड़े वर्ग को पता ही नहीं है कि वे उच्च रक्तचाप से पीड़ित हो चुका है। यानी उच्च रक्तचाप एक ऐसी बीमारी है जो मनुष्य को मौत की ओर खामोशी से खींच ले जाती है।
अस्पतालों में पहुंचने वाले नए मामलों में देखा जा रहा है कि 25 आयु वर्ग के युवा भी हाइपरटेंशन से पीड़ित हो रहे हैं। जीएमसी जम्मू के कार्डियोलाजी विभाग के एचओडी डाॅ. सुशील शर्मा बताते हैं कि कार्डियोलाजी की 300 तक की ओपीडी में 30 से 35 फीसदी मामले हाइपरटेंशन के होते हैं।
इनमें अधिकांश मामलों के इतिहास में देखा जाता है कि उन्हें कहीं न कहीं पारिवारिक समस्या रही है। युवाओं में ये ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है। शहरीकरण में वृद्धि होने से जीवनशैली में बदलाव आ रहा है। इसमें लोग शरीर को अधिक आरामदायक बनाने के चक्कर में शारीरिक रूप से कमजोर हो रहे हैं।
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असंतुलित आहार से खून में चर्बी, चिकनाई बढ़ने, नसें सिकुड़ने, गुर्दे में समस्या बढ़ रही है। इससे हार्ट अटैक की आशंका बढ़ जाती है। दिमाग की नसों पर क्षमता से अधिक प्रेशर बढ़ने से नस फटने का खतरा बढ़ता है, जिससे लकवा मार जाता है। इनमें अधिकांश का कारण उच्च रक्तचाप रहता है। गैर संचारी रोगों में उच्च रक्तचाप की समस्या तेजी से बढ़ रही है।
दो साल में जम्मू संभाग में 30 से अधिक आयु वर्ग में अनुमानित 19 लाख की आबादी में गैर संचारी रोगों की स्क्रीनिंग की जा रही है। इसमें अब तक 75 प्रतिशत स्क्रीनिंग का दावा किया गया, जिसमें 20 प्रतिशत तक हाइपरटेंशन के मामले मिले हैं। जीएमसी जम्मू के प्रिंसिपल डाॅ. आशुतोष गुप्ता ने कहा कि जीवनशैली को संतुलित करके उच्च रक्तचाप की समस्या से बचा जा सकता है। शारीरिक गतिविधियां बढ़ाई जानी चाहिए।
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उच्च रक्तचाप के लक्षण
-सिर पर भारीपन रहना, चक्कर आना
-अचानक आंखों के सामने अंधेरा छा जाना
-सीने में हल्का दर्द रहना, अस्वस्थ महसूस करना
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ऐसे करें बचाव
-चिकनाई युक्त खाद्य पदार्थों का संतुलित सेवन करें
-दिनचर्या में व्यायाम को अपनाएं, रोजाना तीन से पांच किमी पैदल चलें
-नमक का अधिक इस्तेमाल न करें, संतुलित मात्रा में ही सेवन करें
-मीठे पदार्थों से परहेज करें, सामान्य और संतुलित आहार लें
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स्वास्थ्य विभाग के आपात केंद्रों पर आए मामले
वर्ष 2022 2023 2024 2025 (अप्रैल तक)
कार्डियोवैस्कुलर 2681 2382 2551 1078
स्ट्रोक 553 1196 1109 528
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जीवनशैली में बदलाव, बढ़ता शहरीकरण, असंतुलित आहार, तनाव और मोटापा हैं बड़े कारण
जीएमसी जम्मू के कार्डियोलाजी विभाग में 30 से 35 प्रतिशत मरीज उच्च रक्तचाप के पहुंच रहे
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जीवनशैली में बदलाव, बढ़ता शहरीकरण, असंतुलित आहार, तनाव, मोटापा आदि कारणों से उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) जीवन का एक हिस्सा बनता जा रहा है। इससे ग्रस्त होकर युवाओं में भी हार्ट अटैक, किडनी फेलियर, ब्रेन स्ट्रोक की समस्या बढ़ रही है। जीएमसी जम्मू में पहुंचने वाला हर तीसरा व्यक्ति रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) से पीड़ित है। चिंता यह है कि समाज के एक बड़े वर्ग को पता ही नहीं है कि वे उच्च रक्तचाप से पीड़ित हो चुका है। यानी उच्च रक्तचाप एक ऐसी बीमारी है जो मनुष्य को मौत की ओर खामोशी से खींच ले जाती है।
अस्पतालों में पहुंचने वाले नए मामलों में देखा जा रहा है कि 25 आयु वर्ग के युवा भी हाइपरटेंशन से पीड़ित हो रहे हैं। जीएमसी जम्मू के कार्डियोलाजी विभाग के एचओडी डाॅ. सुशील शर्मा बताते हैं कि कार्डियोलाजी की 300 तक की ओपीडी में 30 से 35 फीसदी मामले हाइपरटेंशन के होते हैं।
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इनमें अधिकांश मामलों के इतिहास में देखा जाता है कि उन्हें कहीं न कहीं पारिवारिक समस्या रही है। युवाओं में ये ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है। शहरीकरण में वृद्धि होने से जीवनशैली में बदलाव आ रहा है। इसमें लोग शरीर को अधिक आरामदायक बनाने के चक्कर में शारीरिक रूप से कमजोर हो रहे हैं।
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असंतुलित आहार से खून में चर्बी, चिकनाई बढ़ने, नसें सिकुड़ने, गुर्दे में समस्या बढ़ रही है। इससे हार्ट अटैक की आशंका बढ़ जाती है। दिमाग की नसों पर क्षमता से अधिक प्रेशर बढ़ने से नस फटने का खतरा बढ़ता है, जिससे लकवा मार जाता है। इनमें अधिकांश का कारण उच्च रक्तचाप रहता है। गैर संचारी रोगों में उच्च रक्तचाप की समस्या तेजी से बढ़ रही है।
दो साल में जम्मू संभाग में 30 से अधिक आयु वर्ग में अनुमानित 19 लाख की आबादी में गैर संचारी रोगों की स्क्रीनिंग की जा रही है। इसमें अब तक 75 प्रतिशत स्क्रीनिंग का दावा किया गया, जिसमें 20 प्रतिशत तक हाइपरटेंशन के मामले मिले हैं। जीएमसी जम्मू के प्रिंसिपल डाॅ. आशुतोष गुप्ता ने कहा कि जीवनशैली को संतुलित करके उच्च रक्तचाप की समस्या से बचा जा सकता है। शारीरिक गतिविधियां बढ़ाई जानी चाहिए।
उच्च रक्तचाप के लक्षण
-सिर पर भारीपन रहना, चक्कर आना
-अचानक आंखों के सामने अंधेरा छा जाना
-सीने में हल्का दर्द रहना, अस्वस्थ महसूस करना
ऐसे करें बचाव
-चिकनाई युक्त खाद्य पदार्थों का संतुलित सेवन करें
-दिनचर्या में व्यायाम को अपनाएं, रोजाना तीन से पांच किमी पैदल चलें
-नमक का अधिक इस्तेमाल न करें, संतुलित मात्रा में ही सेवन करें
-मीठे पदार्थों से परहेज करें, सामान्य और संतुलित आहार लें
स्वास्थ्य विभाग के आपात केंद्रों पर आए मामले
वर्ष 2022 2023 2024 2025 (अप्रैल तक)
कार्डियोवैस्कुलर 2681 2382 2551 1078
स्ट्रोक 553 1196 1109 528