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Jammu News: जीएमसी में मरीज को मिला बिस्तर, बेहतर देखभाल भी शुरू

Sat, 07 Dec 2024 02:27 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू Updated Sat, 07 Dec 2024 02:27 AM IST
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जीएमसी में मरीज को मुहैया करवाया गया बिस्तर। स्रोत : सोशल मीडिया
दुर्गंध भरे कमरे की सफाई करवाई गई, देखभाल के लिए कई सामाजिक कार्यकर्ता भी पहुंचे
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जीएमसी जम्मू के स्पाइनल वार्ड के साथ वाले कमरे में रखे गए दो लावारिस मरीजों की देखभाल के लिए शुक्रवार को जीएमसी प्रशासन आगे आया। स्टाफ कर्मियों ने जमीन पर पड़े एक लावारिस पुरुष मरीज को बेड पर लिटाया, जबकि दूसरी महिला मरीज जमीन पर मैट पर ही रही।
इस कमरे की सफाई करवाई गई, जिसमें पहले संक्रमण के बीच दोनों मरीजों के रहने के कारण दुर्गंध का आलम था। दोनों को खाना दिया गया और उनकी बेहतर देखभाल के लिए आश्वस्त किया गया। अमर उजाला ने इन दोनों लावारिस मरीजों की हालत को उजागर किया था।
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अमर उजाला की खबर पर संज्ञान लेते हुए शुक्रवार को कई सामाजिक कार्यकर्ता उक्त दोनों लावारिस मरीजों की देखभाल के लिए भी पहुंचे। उन्होंने अस्पताल प्रशासन से उनकी बदहाल स्थिति पर सवाल किए। उन्होंने पूछा अगर अलग कमरे में लावारिस मरीज रखे गए थे तो बाहर से दरवाजा क्यों बंद रखा गया था और उस पर अंडर कंस्ट्रक्शन क्यों लिखा गया था। इस सारे घटनाक्रम को लेकर दिनभर जीएमसी में गहमागहमी रही।
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हम मेडिकल ट्रीटमेंट दे सकते, लेकिन बाद की नर्सिंग देखभाल हमारे लिए भी चुनौती : प्रिंसिपल
जीएमसी के प्रिंसिपल डा. आशुतोष गुप्ता का कहना है कि उक्त दोनों लावारिस मरीज अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिए गए थे। लेकिन, उन्हें लेने के लिए कोई नहीं आया और वे इधर ही रह रहे हैं। हमारे यहां कई निर्माणाधीन कमरे हैं, जिनमें ये चले गए होंगे। कई लोग ऐसे दिमागी तौर पर कमजोर या अन्य गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों को अस्पताल में छोड़कर चले जाते हैं। लेकिन बाद में उनकी कोई सुध लेने कोई नहीं आता है। हम ऐसे मरीजों को मेडिकल चिकित्सा तो दे सकते हैं, लेकिन उनके ठीक होने के बाद आगे की नर्सिंग देखभाल देना हमारे लिए भी चुनौती होती है। ऐसे मरीजों को लंबे समय तक अस्पताल में भी रखा नहीं जा सकता है। हमने कई बार ऐसे मरीजों की देखभाल के लिए सामाजिक संगठनों से मदद मांगी है, लेकिन कोई भी संस्था आगे नहीं आती है। शहर में ऐसा कोई शेल्टर होम भी नहीं है, यहां ऐसे मरीजों को देखभाल के लिए भेजा जा सके। इसके लिए सामाजिक संगठनों और समाज के अन्य वर्ग के लोगों को आगे आना चाहिए। इस दौरान अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डा. नरेंद्र बुतियाल ने एक बिट्टू नामक व्यक्ति को दिखाते हुए कहा कि वह गंभीर हालत में जीएमसी आया था। आज वह ठीक है, लेकिन उसका कोई घर नहीं होने के कारण वह जीएमसी में ही अधिकांश रहता है। इस मौके पर उप चिकित्सा अधीक्षक डा. भारत भूषण मौजूद रहे।

जीएमसी में मरीज को मुहैया करवाया गया बिस्तर। स्रोत : सोशल मीडिया

जीएमसी में मरीज को मुहैया करवाया गया बिस्तर। स्रोत : सोशल मीडिया

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