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जम्मू: आजाद ने लोकसभा चुनाव नहीं लड़ने के संकेत दिए, कहा - अपने प्रत्याशियों के लिए प्रचार करूंगा
Sun, 18 Feb 2024 06:01 PM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Sun, 18 Feb 2024 06:01 PM IST
सार
अगस्त 2022 में कांग्रेस से अलग होने के बाद आजाद ने जम्मू क्षेत्र में अपनी पार्टी बनाई। उन्होंने नेशनल कॉन्फ्रेंस को एक अवसरवादी पार्टी करार दिया, जो सत्ता में आने पर किसी के साथ भी गठबंधन कर सकती है।
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गुलाम नबी आजाद
- फोटो : एजेंसी
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विस्तार
डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी (डीपीएपी) के अध्यक्ष व जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद ने संकेत दिया है कि वह आगामी लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे और अपनी पार्टी के उम्मीदवारों के लिए प्रचार करेंगे। अगर मैं चुनाव लड़ता हूं, तो मुझे एक ही स्थान पर रोक दिया जाएगा। 2024 जम्मू कश्मीर के लिए चुनावी वर्ष है।
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नगरोटा में पार्टी की एक सभा में पत्रकारों से रूबरू होते हुए दशकों के जुड़ाव के बाद कांग्रेस से इस्तीफा देने वाले आजाद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आंदोलनकारी किसानों के मुद्दों को हमेशा के लिए हल करने की अपील की, कहा कि यह विरोध न तो सरकार के लिए अच्छा है और न ही किसानों के लिए।
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संसदीय चुनाव 100 प्रतिशत अपने समय पर हो रहे हैं और मैं विधानसभा चुनावों (जम्मू-कश्मीर में) के बारे में केवल अनुमान लगा सकता हूं क्योंकि मेरा चुनाव आयोग या सरकार से कोई संपर्क नहीं है। लेकिन यह (विधानसभा चुनाव) सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के तहत सितंबर तक करवाने ही हैं।
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अगस्त 2022 में कांग्रेस से अलग होने के बाद आजाद ने जम्मू क्षेत्र में अपनी पार्टी बनाई। उन्होंने नेशनल कॉन्फ्रेंस को एक अवसरवादी पार्टी करार दिया, जो सत्ता में आने पर किसी के साथ भी गठबंधन कर सकती है।
नेकां ने जम्मू-कश्मीर के लोगों के हितों पर सत्ता की भूख को प्राथमिकता दी है। उसने वैचारिक मतभेदों के बावजूद भाजपा के साथ गठबंधन किया था और अनुच्छेद 370 को रद्द करने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चुप रही। मुझे 2014 में भाजपा के साथ उनकी बातचीत के बारे में पता था। अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद भी वे गठबंधन साझेदारी के लिए भाजपा से भीख मांगने को तैयार हैं, जो उनके अवसरवादी स्वभाव को और उजागर करता है।
उन्होंने कश्मीरी पंडितों समेत कश्मीर के लोगों से घाटी में अपनी जमीन नहीं बेचने की अपील की। स्थिति में सुधार हो रहा है और हमें (आतंकवादी हमलों की) कभी-कभार होने वाली घटनाओं से घबराना नहीं चाहिए। ऐसे हमले नहीं होने चाहिए लेकिन यह वास्तविकता है कि गोलीबारी हर जगह हो रही है, जिसमें अमेरिका जैसे सबसे सुरक्षित स्थान भी शामिल हैं।
लेकिन कोई भी अपने घर से नहीं भागता है। उन्होंने लोगों से एकजुट होकर रहने और आने वाले चुनावों के लिए तैयार रहने का अनुरोध किया। पिछले 10 वर्षों में जम्मू-कश्मीर में कोई विधानसभा चुनाव नहीं हुआ है, जिसमें लोगों ने कई अच्छी और बुरी चीजें देखी गईं। लेकिन हमें अतीत को छोड़कर भविष्य की ओर देखना होगा और देखना होगा कि समाज के सभी वर्गों के लोगों की स्थिति में सुधार के लिए क्या किया जा सकता है। मेरी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता गरीबों और वंचितों के कल्याण पर केंद्रित होगी।
उन्होंने पार्टी कैडर से आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनावों में जीत हासिल करने के लिए जमीनी स्तर के प्रयासों को तेज करने पर जोर दिया। राजनीतिक विश्लेषकों का दावा है कि डोडा, किश्तवाड़, भद्रवाह और पुंछ जैसे पीर पंजाल के दक्षिण इलाकों में वोट बैंक रखने वाले आजाद विपक्षी पार्टी के उम्मीदवारों के वोटों को विभाजित करने में सक्षम होंगे। इस दौरान उपाध्यक्ष जीएम सरूरी, महासचिव आरएस चिब, अनीता ठाकुर, प्रांतीय अध्यक्ष जुगल किशोर शर्मा आदि मौजूद रहे।