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जम्मू: गैंगस्टर बकरा की हत्या समेत आठ मामलों में शामिल था हिस्ट्रीशीटर राजेश, दो बार लगा पीएसए

Tue, 05 Mar 2024 01:54 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: kumar गुलशन कुमार Updated Tue, 05 Mar 2024 01:54 PM IST
सार

रियासी का रहने वाला मोहन चीर लंबे समय से जम्मू के न्यू प्लाॅट जानीपुर में रह रहा था। पिछले वर्ष सितंबर में मोहन चीर पर लगाया गया पीएसए हटा दिया गया था, जो वर्ष 2022 के अप्रैल में लगाया था।

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jammu gangster killed in mohali chandigarh History-sheeter Rajesh involved in gangster bakra murder
crime - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 मोहाली में मारा गया राजेश डोगरा उर्फ मोहन चीर जम्मू का नामी गैंगस्टर था, जिस पर नामी गैंगस्टर संजय गुप्ता उर्फ बकरा की हत्या समेत कई अन्य आपराधिक मामले दर्ज थे। पिछले 14 वर्ष से मोहन का जेल में आना जाना लगा रहा। कभी पीएसए लगाकर जेल में भेजा गया, तो कभी बकरा की हत्या के मामले में।

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जानकारी के अनुसार मूल रूप से रियासी का रहने वाला मोहन चीर लंबे समय से जम्मू के न्यू प्लाॅट जानीपुर में रह रहा था। पिछले वर्ष सितंबर में मोहन चीर पर लगाया गया पीएसए हटा दिया गया था, जो वर्ष 2022 के अप्रैल में लगाया था। इसके पहले भी मोहन पर 2021 में पीएसए लगा था। मोहन चीर ने शादी नहीं की थी। बता दें कि मोहन चीर ने 2006 में जम्मू के रहने वाले संजय गुप्ता उर्फ बकरा की अपने दो साथियों के साथ मिलकर हत्या कर दी थी।
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इसके बाद मोहन चीर अपने साथी पाला और विशाल के साथ पकड़ा गया। करीब 11 वर्ष जेल में रहने के बाद वर्ष 2018 में मोहन चीर को हाईकोर्ट ने जमानत दे दी। बताया जाता है कि मोहन चीर बिल्लू गैंगस्टर का सहायक था। बिल्लू की 1997 में जम्मू की जिला जेल अंबफला में बकरा गैंग ने हत्या करा दी थी। जेल में बंद बिपन भूत, संजय शर्मा और बबलू ने वारदात को अंजाम दिया था। यह वारदात भाई दूज के दिन हुई थी। बिल्लू की मौत का बदला लेने के लिए मोहन चीर ने बकरा की हत्या की।

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रियल एस्टेट में काम कर रहा था मोहन

सूत्रों का कहना है कि बकरा हत्याकांड के बाद मोहन चीर जेल चला गया। वर्ष 2018 में वह जेल से छूटा। इसके बाद उसने किसी बड़ी वारदात को अंजाम नहीं दिया। लेकिन इसके पहले ही मोहन चीर पर जम्मू के पक्का डंगा, सिटी पुलिस स्टेशन, उधमपुर, गंग्याल, बाहु फोर्ट और घरोटा में 8 आपराधिक मामले दर्ज किए गए थे। यह मामले हत्या, हत्या का प्रयास, अवैध हथियार रखने आदि जैसे विभिन्न आपराधिक मामलों के हैं। वह बख्शी नगर पुलिस स्टेशन के रिकार्ड में हिस्ट्रीशीटर था। सूत्रों का यह भी कहना है कि वर्ष 2021 में जब मोहन चीर पर पीएसए लगाया गया, तो उस समय वह अपने संपर्क में रहने वाले लोगों से मिलकर एक नया नेटवर्क बनाने के लिए काम कर रहा था, ताकि पुराने साथियों के साथ जम्मू क्षेत्र में अपराध को अंजाम दे।

मोहन चीर: कब क्या हुआ

  • 2006 में संजय गुप्ता उर्फ बकरा की हत्या की। 2018 में मिली जमानत
  • 2021 में लगा पीएसए
  • सितंबर 2023 में हटाया गया पीएसए
  • अप्रैल 2022 में पीएसए हटाया गया
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