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जम्मू: सेटेलाइट टाउनशिप पर अतिक्रमण का ग्रहण, अवैध कब्जों के चलते रुका मझीन-रंगूड़ा प्रोजेक्ट
Fri, 01 Sep 2023 05:15 PM IST
kumar गुलशन कुमार
सतीश वालिया, जम्मू
सतीश वालिया, जम्मू
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Fri, 01 Sep 2023 05:15 PM IST
सार
अतिक्रमण के ग्रहण से ही राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे बसे मझीन और रंगूड़ा में बीस साल बाद भी सेटेलाइट टाउनशिप प्रोजेक्ट शुरू नहीं हो पाया है। यहां जम्मू डेवलपमेंट अथॉरिटी (जेडीए) की 12 हजार कनाल जमीन पर अतिक्रमण हैं।
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जम्मू
- फोटो : संवाद
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विस्तार
अतिक्रमण जम्मू शहर के विकास में बड़ी बाधा है। कई बड़े प्रोजेक्ट अधर में लटके हैं। अतिक्रमण के ग्रहण से ही राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे बसे मझीन और रंगूड़ा में बीस साल बाद भी सेटेलाइट टाउनशिप प्रोजेक्ट शुरू नहीं हो पाया है। यहां जम्मू डेवलपमेंट अथॉरिटी (जेडीए) की 12 हजार कनाल जमीन पर अतिक्रमण हैं। लोगों ने कब्जे नहीं छोड़े, जिससे काम आगे नहीं बढ़ पाया है।
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जेडीए ने 1993 में भूमि का अधिग्रहण किया था। इसके बाद टाउनशिप स्थापित करने के लिए प्रस्ताव बनाए। 2003 में काम शुरू हुआ। भूमि की पैमाइश हुई तो जमीन पर अतिक्रमण पाया गया। इस कारण स्वीकृत करोड़ों रुपये का बजट लैप्स हो गया।
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जेडीए ने अतिक्रमण हटाने के लिए कई बार नोटिस जारी किए, लेकिन लोगों ने कब्जे नहीं छोड़े। अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान भी चलाए, लेकिन पथराव के कारण कार्रवाई सिरे नहीं चढ़ पाई। इस कारण अभी तक सेटेलाइट टाउनशिप स्थापित नहीं हो पाई है।
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काम शुरू नहीं होने पर हाउसिंग कॉलोनी, पार्क, पार्किंग, कॉमर्शियल कांप्लेक्स सहित अन्य प्रोजेक्टों के लिए जारी राशि लैप्स हो गई। टाउनशिप बनने से जेडीए की आय में इजाफा होना था। जब जेडीए को जमीन मिली थी तो उससे पहले ही लोग बस गए थे। यहां जेडीए की अरबों रुपये की जमीन है, लेकिन लोग कब्जे छोड़ने को राजी नहीं हैं। टीमें अतिक्रमण हटाने जाती हैं तो लोग विरोध कर देते हैं।
एनएच किनारे बसना था आधुनिक शहर
नेशनल हाईवे के किनारे आधुनिक शहर बसना था। यहां आवासीय, वाणिज्य, स्कूल, ऑफिस स्थापित किए जाने थे। लोगों को एक ही जगह पर आधुनिक सुविधाएं मिलनी थीं। वहीं, पर्यटन की दृष्टि से इलाका विकसित होना था। साथ लगते सिद्दड़ा में भी पार्क, जलक्रीड़ा, पार्किंग और अन्य सुविधाएं मिलनी थीं। मौजूदा समय में बेतरतीब ढंग से घर बन गए हैं।
घरों में बिजली-पानी के अवैध कनेक्शन
जमीन जेडीए के नाम पर है, मगर यहां पर बने अवैध रूप से घरों में बिजली और पानी के कनेक्शन दिए गए हैं। कई बार नोटिस भेजने के बाद भी लोग हटने का नाम नहीं ले रहे हैं। अब फिर से जेडीए अभियान शुरू करेगा।
जमीन पर अतिक्रमण है। इसे हटाने के लिए कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए पहले नोटिस जारी किए जाएंगे। जमीन छुड़ाकर प्रोजेक्टों पर काम शुरू करवाया जाएगा। - शिव कुमार, वाइस चेयरमैन, जेडीए।