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Jammu News: जम्मू संभाग में 12 दिन बाद 30 सीमावर्ती क्षेत्रों में खुले स्कूल, लौटी रौनक
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ऑपरेशन सिंदूर के बाद सीमा पर उपजे तनाव के चलते बंद किए गए थे स्कूल
अधिकांश स्कूल खुल गए थे 15 मई को
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू संभाग में भारत-पाकिस्तान सीमा के सटे स्कूल सोमवार को फिर से खुल गए। 12 दिनों के बाद स्कूल खुले और बड़ी संख्या में बच्चे भी पहुंचे। पुंछ, राजोरी, जम्मू, सांबा और कठुआ जिलों में नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा के करीब 30 स्थानों पर स्थित स्कूल में सोमवार को बच्चे पहुंचे जिससे वहां रौनक लौट आई।
सेना की ओर से सात मई को पाकिस्तान के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर के बाद आठ मई की रात को पाकिस्तान ने हमला किया था। इसके बाद सीमा पार से भारी गोलाबारी और हवाई हमलों ने दोनों देशों को युद्ध के कगार पर पहुंचा दिया। इसके चलते सरकार ने सीमावर्ती इलाकों के स्कूलों को बंद किया था।
दस मई को दोनों देशों के बीच सीजफायर होने के बाद सीमा से सटे स्कूल को छोड़ अन्य खोल दिए थे। जम्मू संभाग में अधिकांश स्कूल 15 मई को फिर से खुल गए थे, लेकिन छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए सीमा के करीब के स्कूल बंद रखे थे। स्कूल खुलने के बाद स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारी सोमवार को सीमा से सटे स्कूल का दौरा किया।
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बच्चों के लिए की व्यवस्था को जांचा। स्कूल प्रमुखों को बच्चों की सुरक्षा को यकीनी बनाने के लिए सभी व्यवस्था करने के निर्देश दिए। जम्मू शहर में सभी निजी व सरकारी स्कूल खुले। बच्चों की संख्या भी ठीकठाक रही।
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अब गर्मी की छुट्टियों से पहले तक तय पाठ्यक्रम पूरा करवाना चुनौती
भारत-पाकिस्तान तनाव के चलते 12 दिनों स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित रही। अब स्कूल प्रबंधकों के सामने गर्मियों की छुट्टियों से पहले तक तय पाठ्यक्रम को पूरा करना चुनौती होगी। जून के पहले सप्ताह से गर्मियों की छुट्टियां हो सकती है। ऐसे में दो सप्ताह में तय सिलेबस को पूरा कराने के लिए अतिरिक्त क्लासेज के अलावा कोई विकल्प नहीं है। स्कूल शिक्षा विभाग ने स्कूल प्रबंधकों को निर्देश दिया है कि शैक्षणिक गतिविधियों में किसी तरह कोई कोताही न बरते। बिना अतिरिक्त दबाव के पाठ्यक्रम को पूरा करे ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
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अधिकांश स्कूल खुल गए थे 15 मई को
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू संभाग में भारत-पाकिस्तान सीमा के सटे स्कूल सोमवार को फिर से खुल गए। 12 दिनों के बाद स्कूल खुले और बड़ी संख्या में बच्चे भी पहुंचे। पुंछ, राजोरी, जम्मू, सांबा और कठुआ जिलों में नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा के करीब 30 स्थानों पर स्थित स्कूल में सोमवार को बच्चे पहुंचे जिससे वहां रौनक लौट आई।
सेना की ओर से सात मई को पाकिस्तान के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर के बाद आठ मई की रात को पाकिस्तान ने हमला किया था। इसके बाद सीमा पार से भारी गोलाबारी और हवाई हमलों ने दोनों देशों को युद्ध के कगार पर पहुंचा दिया। इसके चलते सरकार ने सीमावर्ती इलाकों के स्कूलों को बंद किया था।
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दस मई को दोनों देशों के बीच सीजफायर होने के बाद सीमा से सटे स्कूल को छोड़ अन्य खोल दिए थे। जम्मू संभाग में अधिकांश स्कूल 15 मई को फिर से खुल गए थे, लेकिन छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए सीमा के करीब के स्कूल बंद रखे थे। स्कूल खुलने के बाद स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारी सोमवार को सीमा से सटे स्कूल का दौरा किया।
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बच्चों के लिए की व्यवस्था को जांचा। स्कूल प्रमुखों को बच्चों की सुरक्षा को यकीनी बनाने के लिए सभी व्यवस्था करने के निर्देश दिए। जम्मू शहर में सभी निजी व सरकारी स्कूल खुले। बच्चों की संख्या भी ठीकठाक रही।
अब गर्मी की छुट्टियों से पहले तक तय पाठ्यक्रम पूरा करवाना चुनौती
भारत-पाकिस्तान तनाव के चलते 12 दिनों स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित रही। अब स्कूल प्रबंधकों के सामने गर्मियों की छुट्टियों से पहले तक तय पाठ्यक्रम को पूरा करना चुनौती होगी। जून के पहले सप्ताह से गर्मियों की छुट्टियां हो सकती है। ऐसे में दो सप्ताह में तय सिलेबस को पूरा कराने के लिए अतिरिक्त क्लासेज के अलावा कोई विकल्प नहीं है। स्कूल शिक्षा विभाग ने स्कूल प्रबंधकों को निर्देश दिया है कि शैक्षणिक गतिविधियों में किसी तरह कोई कोताही न बरते। बिना अतिरिक्त दबाव के पाठ्यक्रम को पूरा करे ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।