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उच्च शिक्षा का हाल : पांच डिग्री कॉलेजों के पास छह साल बाद भी स्थायी भवन नहीं
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। राज्य सरकार ने छह साल पहले जिले में पांच नए डिग्री काॅलेजों की स्थापना का एलान किया था। इनमे से पांच के भवन तक अभी नहीं बन पाए हैं।
2019 में खुले पांच डिग्री कॉलेजों जीडीसी भगवती नगर, सिद्दड़ा, नगरोटा, कुंजवानी और मढ़ के पास स्थायी भवन नहीं हैं। इनमें से एक सरकारी स्कूल की बिल्डिंग में चल रहा है, जबकि दो में साइंस संकाय नहीं है।
2019 में सरकार ने प्रदेश में 50 डिग्री कॉलेज खोलने की घोषणा की थी, लेकिन जरूरी सुविधाओं का विकास नहीं हो पाया। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) लागू होने से इन कॉलेजों में मुख्य विषयों की कमी है। इस कारण इन कॉलेजों में बच्चों की संख्या 200 से 300 के बीच रह गई है। डिग्री कॉलेज नगरोटा की बिल्डिंग तो तैयार है, लेकिन अभी तक शिफ्ट नहीं हो पाया है। यह छह साल से गवर्नमेंट मिडिल स्कूल नगरोटा के तीन कमरों और सिद्दड़ा कॉलेज शेड वाले अस्थायी भवन में चल रहा है। यहां साइंस संकाय शुरू होना था, लेकिन स्थायी भवन नहीं होने से सुविधा नहीं मिल पाई है। ऐसा ही हाल महिला कॉलेज भगवती नगर का है। यहां बिल्डिंग तो बन रही थी, लेकिन काम बीच में अटक गया।
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जम्मू। राज्य सरकार ने छह साल पहले जिले में पांच नए डिग्री काॅलेजों की स्थापना का एलान किया था। इनमे से पांच के भवन तक अभी नहीं बन पाए हैं।
2019 में खुले पांच डिग्री कॉलेजों जीडीसी भगवती नगर, सिद्दड़ा, नगरोटा, कुंजवानी और मढ़ के पास स्थायी भवन नहीं हैं। इनमें से एक सरकारी स्कूल की बिल्डिंग में चल रहा है, जबकि दो में साइंस संकाय नहीं है।
2019 में सरकार ने प्रदेश में 50 डिग्री कॉलेज खोलने की घोषणा की थी, लेकिन जरूरी सुविधाओं का विकास नहीं हो पाया। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) लागू होने से इन कॉलेजों में मुख्य विषयों की कमी है। इस कारण इन कॉलेजों में बच्चों की संख्या 200 से 300 के बीच रह गई है। डिग्री कॉलेज नगरोटा की बिल्डिंग तो तैयार है, लेकिन अभी तक शिफ्ट नहीं हो पाया है। यह छह साल से गवर्नमेंट मिडिल स्कूल नगरोटा के तीन कमरों और सिद्दड़ा कॉलेज शेड वाले अस्थायी भवन में चल रहा है। यहां साइंस संकाय शुरू होना था, लेकिन स्थायी भवन नहीं होने से सुविधा नहीं मिल पाई है। ऐसा ही हाल महिला कॉलेज भगवती नगर का है। यहां बिल्डिंग तो बन रही थी, लेकिन काम बीच में अटक गया।
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