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Jammu News: कृष्ण जन्म की लीलाएं सुनकर भावविभोर हुए श्रद्धालु
Wed, 23 Apr 2025 03:18 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Wed, 23 Apr 2025 03:18 AM IST
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त्रिलोकपुर में श्रीमद्भागवत कथा पांचवें दिन भी रही जारी
संवाद न्यूज एजेंसी
दोमाना। त्रिलोकपुर में श्रीमद्भागवत कथा पांचवें दिन भी जारी रही। बुधवार को कथा वाचक मृदुल मोहन महाराज ने श्रद्धालुओं को कृष्ण जन्म की लीलाएं सुनाकर भावविभोर कर दिया।
उन्होंने बताया कि देवकी के गर्भ से आठवीं संतान के पैदा होने के बाद वासुदेव भगवान कृष्ण को बदलकर उनकी जगह पर योग माया को लेकर आए। भगवान कृष्ण को गोकुल में यशोदा मैया को सौंपा। यशोदा मैया की गोद में तो कन्या पैदा हुई थी। भगवान की लीला हुई। वासुदेव को आकाशवाणी से हुक्म हुआ कि लल्ला को नंद बाबा के घर यशोदा के पास छोड़कर कन्या को लेकर जेल में आना है।
नंदलाल के पैदा होने की खुशी में नंद बाबा के यहां उत्सव शुरू हो गया। बधाई देने वालों का तांता लग गया। उधर, कंस को जब पता चला कि देवकी के आठवां बच्चा पैदा हो गया है। उन्होंने बच्ची को मारने की जब कोशिश की तो वह आकाश में चली गई। वहां उन्होंने भविष्यवाणी की कि तुझे मारने वाला तो गोकुल में पैदा हो चुका है।
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कंस ने सभी नए जन्मे बच्चों को मारने के लिए पूरी कोशिश की, लेकिन वह भगवान कृष्ण का बाल भी बांका नहीं कर पाए। इस तरह से बहुत सारे अत्याचार किए परंतु भगवान अपने बाल रूप में अनेक लीलाएं करते आगे बढ़ते गए।
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संवाद न्यूज एजेंसी
दोमाना। त्रिलोकपुर में श्रीमद्भागवत कथा पांचवें दिन भी जारी रही। बुधवार को कथा वाचक मृदुल मोहन महाराज ने श्रद्धालुओं को कृष्ण जन्म की लीलाएं सुनाकर भावविभोर कर दिया।
उन्होंने बताया कि देवकी के गर्भ से आठवीं संतान के पैदा होने के बाद वासुदेव भगवान कृष्ण को बदलकर उनकी जगह पर योग माया को लेकर आए। भगवान कृष्ण को गोकुल में यशोदा मैया को सौंपा। यशोदा मैया की गोद में तो कन्या पैदा हुई थी। भगवान की लीला हुई। वासुदेव को आकाशवाणी से हुक्म हुआ कि लल्ला को नंद बाबा के घर यशोदा के पास छोड़कर कन्या को लेकर जेल में आना है।
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नंदलाल के पैदा होने की खुशी में नंद बाबा के यहां उत्सव शुरू हो गया। बधाई देने वालों का तांता लग गया। उधर, कंस को जब पता चला कि देवकी के आठवां बच्चा पैदा हो गया है। उन्होंने बच्ची को मारने की जब कोशिश की तो वह आकाश में चली गई। वहां उन्होंने भविष्यवाणी की कि तुझे मारने वाला तो गोकुल में पैदा हो चुका है।
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कंस ने सभी नए जन्मे बच्चों को मारने के लिए पूरी कोशिश की, लेकिन वह भगवान कृष्ण का बाल भी बांका नहीं कर पाए। इस तरह से बहुत सारे अत्याचार किए परंतु भगवान अपने बाल रूप में अनेक लीलाएं करते आगे बढ़ते गए।