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Jammu News: पहाड़ियों को एसटी दर्जा दिए जाने के विरोध में निकाला मशाल मार्च
Thu, 27 Jul 2023 02:05 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Thu, 27 Jul 2023 02:05 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
राजोरी। पहाड़ी समुदाय के लोगों को अनुसूचित जनजाति (एसटी) के दर्जे का बिल पास होने से खफा गुज्जर बकरवाल समुदाय के लोग सड़कों पर उतर आए हैं। बुधवार को राजोरी में गुज्जर समुदाय के युवाओं ने पहाड़ियों को एसटी दर्जे के विरोध के लिए सड़कों पर नज़र आए और मशाल मार्च निकाली। गुज्जर और बकरवाल समुदाय का नेतृत्व कर रहे युवा गुज्जर नेता गुफ्तार अहमद चौधरी ने बताया कि अपनी नाराजगी व्यक्त करने के लिए वह मशाल जुलूस निकाली है।
बता दें कि हाल ही में पहाड़ियों को एसटी के दर्जे के खिलाफ आवाज उठाने के लिए गुज्जर बकरवाल समुदाय द्वारा एक ज्वाइंट एक्शन कमेटी (जेएसी) का गठन किया था। जिसमें गुर्जर-बकरवाल कॉन्फ्रेंस जम्मू कश्मीर, गुर्जर-बकरवाल यूथ वेलफेयर कॉन्फ्रेंस, ऑल ट्राइबल कोऑर्डीनेशन कमेटी, इंटरनेशनल गुज्जर महासभा व गुज्जर-बकरवाल स्टूडेंट यूनियन और निर्वाचित प्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं सहित कई समूहों के सदस्य शामिल हैं। गुफ्तार ने बताया कि हमने पहाड़ियों को एसटी दर्जा देने के खिलाफ मशाल मार्च शुरुआत की है और यदि पहाड़ियों को एसटी दर्जा मिला तो मशाल रुकेगी नहीं। उन्होंने कहा कि किसी को कोई भी अन्य आरक्षण दिया जाए, लेकिन एसटी दर्जे का हक मात्र गुज्जर बकरवाल समुदाय का है और इसके साथ खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा। वहीं मशाल मार्च में सैकड़ों की संख्या में युवाओं ने भाग लिया और राजोरी की चिल्ड्रन पार्क से मशाल जुलूस शुरू हुई और डीसी कार्यालय में सम्पन्न हुई।
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राजोरी। पहाड़ी समुदाय के लोगों को अनुसूचित जनजाति (एसटी) के दर्जे का बिल पास होने से खफा गुज्जर बकरवाल समुदाय के लोग सड़कों पर उतर आए हैं। बुधवार को राजोरी में गुज्जर समुदाय के युवाओं ने पहाड़ियों को एसटी दर्जे के विरोध के लिए सड़कों पर नज़र आए और मशाल मार्च निकाली। गुज्जर और बकरवाल समुदाय का नेतृत्व कर रहे युवा गुज्जर नेता गुफ्तार अहमद चौधरी ने बताया कि अपनी नाराजगी व्यक्त करने के लिए वह मशाल जुलूस निकाली है।
बता दें कि हाल ही में पहाड़ियों को एसटी के दर्जे के खिलाफ आवाज उठाने के लिए गुज्जर बकरवाल समुदाय द्वारा एक ज्वाइंट एक्शन कमेटी (जेएसी) का गठन किया था। जिसमें गुर्जर-बकरवाल कॉन्फ्रेंस जम्मू कश्मीर, गुर्जर-बकरवाल यूथ वेलफेयर कॉन्फ्रेंस, ऑल ट्राइबल कोऑर्डीनेशन कमेटी, इंटरनेशनल गुज्जर महासभा व गुज्जर-बकरवाल स्टूडेंट यूनियन और निर्वाचित प्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं सहित कई समूहों के सदस्य शामिल हैं। गुफ्तार ने बताया कि हमने पहाड़ियों को एसटी दर्जा देने के खिलाफ मशाल मार्च शुरुआत की है और यदि पहाड़ियों को एसटी दर्जा मिला तो मशाल रुकेगी नहीं। उन्होंने कहा कि किसी को कोई भी अन्य आरक्षण दिया जाए, लेकिन एसटी दर्जे का हक मात्र गुज्जर बकरवाल समुदाय का है और इसके साथ खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा। वहीं मशाल मार्च में सैकड़ों की संख्या में युवाओं ने भाग लिया और राजोरी की चिल्ड्रन पार्क से मशाल जुलूस शुरू हुई और डीसी कार्यालय में सम्पन्न हुई।
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