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Jammu News: तेज हवाओं के साथ बारिश से गेहूं की फसल को भारी नुकसान
Fri, 28 Apr 2023 02:00 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Fri, 28 Apr 2023 02:00 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
आरएस पुरा/ मीरा साहिब। उप जिले में बुधवार की बीती रात को तेज हवाओं के साथ बारिश के चलते गेहूं की फसल को भारी नुकसान हुआ है। साथ ही बारिश से सरसों, आलू सहित कई अन्य सब्जियों की फसल को भी नुकसान पहुंचा है। किसानों का कहना है कि इस बारिश और तेज हवा के कारण खेतों में खड़े गेहूं के पौधे गिर गए हैं। बारिश के कारण खेतों में पानी जमा होने से गेहूं के दाने काले पड़ गए हैं।
किसान करनेल सिंह ने बताया कि उनकी गेहूं की फसल लगभग पक चुकी थी, अचानक तेज हवा के साथ आई बारिश से गेहूं की फसल खेतों में गिर गई। उन्होंने कहा कि अगर गेहूं की फसल गिरती है तो गेहूं के दाने काले पड़ जाते है और उपज में कमी आती है। वहीं दूसरी ओर खेत गीला होने के कारण गेहूं की कटाई में देरी होगी। देरी होने से गेहूं के दाने खेत में गिरेंगे। उन्होंने कहा कि बारिश और तेज हवा के कारण खेत में पड़ी गेहूं की फसल से बेहतर उपज मिलने की उम्मीद धराशायी हो गई। किसान कृष्ण लाल का कहना है कि इस बार मौसम में काफी बदलाव आया, जिससे बारिश होने पर किसानों को दिक्कतें पेश आ रही है। पिछले कई दिनों से दो-चार दिनों बाद बारिश होने पर अब उम्मीद नहीं है कि कटाई कर गेहूं की फसल घर पहुंचेगी की नहीं। उन्होंने कहा कि इस बार अभी तक बाहरी राज्यों से मजदूर कटाई के लिए नहीं आ रहे, जिसके चलते कंबाइन मशीन से गेहूं की कटाई करनी पड़ रही है। किसान सोमराज का कहना है कि कंबाइन मशीन से कटाई करने पर जरूरत के मुताबिक तूडी नहीं मिल पाती, जिसके चलते किसानों को रूटर से कटाई करवाने पर ही तूडी मिलती है। एक एकड़ जमीन पर रूटर चलाए जाने के लिए 2500 रुपये लिए जाते है। अधिकतर किसान गेहूं की कटाई खुद करने के बाद थ्रेशर लगाते है ताकि जरूरत के मुताबिक तूडी मिलने पर पशुओं के लिए साल भर का सूखा चारा स्टाक कर लें। सोमराज ने कहा कि मौसम खराब होने पर किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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इस समय गेहूं पक कर तैयार होने पर किसानों को फसल समेटनी चाहिए। अगर आने वाले दिनों में बारिश होती है तो इससे गेहूं का पौधा गिरने व दाना काला होने पर उसकी गुणवत्ता पर प्रभाव पड़ सकता है। किसानों को चाहिए कि बारिश होने पर खेतों में पानी के लिए निकासी बनाए रखें ताकि इससे गेहूं का पौधा न गिरे।- अश्वनी शर्मा, अधिकारी कृषि विभाग
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आरएस पुरा/ मीरा साहिब। उप जिले में बुधवार की बीती रात को तेज हवाओं के साथ बारिश के चलते गेहूं की फसल को भारी नुकसान हुआ है। साथ ही बारिश से सरसों, आलू सहित कई अन्य सब्जियों की फसल को भी नुकसान पहुंचा है। किसानों का कहना है कि इस बारिश और तेज हवा के कारण खेतों में खड़े गेहूं के पौधे गिर गए हैं। बारिश के कारण खेतों में पानी जमा होने से गेहूं के दाने काले पड़ गए हैं।
किसान करनेल सिंह ने बताया कि उनकी गेहूं की फसल लगभग पक चुकी थी, अचानक तेज हवा के साथ आई बारिश से गेहूं की फसल खेतों में गिर गई। उन्होंने कहा कि अगर गेहूं की फसल गिरती है तो गेहूं के दाने काले पड़ जाते है और उपज में कमी आती है। वहीं दूसरी ओर खेत गीला होने के कारण गेहूं की कटाई में देरी होगी। देरी होने से गेहूं के दाने खेत में गिरेंगे। उन्होंने कहा कि बारिश और तेज हवा के कारण खेत में पड़ी गेहूं की फसल से बेहतर उपज मिलने की उम्मीद धराशायी हो गई। किसान कृष्ण लाल का कहना है कि इस बार मौसम में काफी बदलाव आया, जिससे बारिश होने पर किसानों को दिक्कतें पेश आ रही है। पिछले कई दिनों से दो-चार दिनों बाद बारिश होने पर अब उम्मीद नहीं है कि कटाई कर गेहूं की फसल घर पहुंचेगी की नहीं। उन्होंने कहा कि इस बार अभी तक बाहरी राज्यों से मजदूर कटाई के लिए नहीं आ रहे, जिसके चलते कंबाइन मशीन से गेहूं की कटाई करनी पड़ रही है। किसान सोमराज का कहना है कि कंबाइन मशीन से कटाई करने पर जरूरत के मुताबिक तूडी नहीं मिल पाती, जिसके चलते किसानों को रूटर से कटाई करवाने पर ही तूडी मिलती है। एक एकड़ जमीन पर रूटर चलाए जाने के लिए 2500 रुपये लिए जाते है। अधिकतर किसान गेहूं की कटाई खुद करने के बाद थ्रेशर लगाते है ताकि जरूरत के मुताबिक तूडी मिलने पर पशुओं के लिए साल भर का सूखा चारा स्टाक कर लें। सोमराज ने कहा कि मौसम खराब होने पर किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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इस समय गेहूं पक कर तैयार होने पर किसानों को फसल समेटनी चाहिए। अगर आने वाले दिनों में बारिश होती है तो इससे गेहूं का पौधा गिरने व दाना काला होने पर उसकी गुणवत्ता पर प्रभाव पड़ सकता है। किसानों को चाहिए कि बारिश होने पर खेतों में पानी के लिए निकासी बनाए रखें ताकि इससे गेहूं का पौधा न गिरे।- अश्वनी शर्मा, अधिकारी कृषि विभाग
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