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Jammu News: शौर्य दिवस के साथ आज संपन्न होगा तीन दिवसीय नवरेह समारोह
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नवरेह समारोह के दूसरे दिन धार्मिक अनुष्ठान करती कश्मीरी पंडित समुदय की महिलाएं
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संजीवनी शारदा केंद्र के फेसबुक फेज से कश्मीरी पंडितों को संबोधित करेंगे आरएसएस के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। कश्मीरी नव वर्ष के पहले दिन के प्रतीक नवरेह पर्व कश्मीरी पंडितों ने धार्मिक और सांस्कृतिक उत्साह के साथ मनाया। नवरेह सप्तऋषि संवत 5100 का पहला दिन था। जम्मू में संजीवनी शारदा केंद्र द्वारा तीन दिवसीय नवरेह समारोह आयोजित किया गया है। बुधवार को समारोह को दूसरे दिन संकल्प दिवस माता भद्रकाली आस्थापन थलवाल में मनाया गया। समारोह का समापन आज शौर्य दिवस के साथ होगा, जिसमें आरएसएस के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल शाम सात बजे संजीवनी शारदा केंद्र बोहरी जम्मू के फेसबुक पेज पर लोगों को संबोधित करेंगे।
समारोह के दूसरे दिन बड़ी संख्या में लोगों पहुंचे थे, जहां पूजा-अर्चना और सूर्य पूजा की गई। इस दौरान एक सामूहिक संकल्प लिया गया। पूर्व एमएलसी अजय भारती और सामाजिक कार्यकर्ता व शिक्षाविद् संजय पंडिता मौजूद रहे। उत्सव बड़ी संख्या कश्मीरी पंडित, विशेष रूप से कश्मीरी पंडित महिलाएं पारंपरिक कश्मीरी पोशाक में गाते और नृत्य किया। उनकी प्रस्तुतियों को मौजूद सभी भक्तों की सरहा। इस दौरान प्रख्यात धार्मिक विद्वान संजय रैना ने सप्तर्षि संवत के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कश्मीरी पंडितों की समृद्ध संस्कृति और रीति-रिवाजों व त्योहारों की धार्मिक पृष्ठभूमि के बारे में विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। संजीवनी शारदा केंद्र ने तीन दिवसीय नवरेह समारोह आयोजित किया है। इसके पहले दिन त्याग दिवस मनाया गया। दूसरे दिन यानी मंगलवार को सामूहिक संकल्प था। समारोह के तीसरे दिन बुधवार को शौर्य दिवस के रूप में मनाया जाएगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। कश्मीरी नव वर्ष के पहले दिन के प्रतीक नवरेह पर्व कश्मीरी पंडितों ने धार्मिक और सांस्कृतिक उत्साह के साथ मनाया। नवरेह सप्तऋषि संवत 5100 का पहला दिन था। जम्मू में संजीवनी शारदा केंद्र द्वारा तीन दिवसीय नवरेह समारोह आयोजित किया गया है। बुधवार को समारोह को दूसरे दिन संकल्प दिवस माता भद्रकाली आस्थापन थलवाल में मनाया गया। समारोह का समापन आज शौर्य दिवस के साथ होगा, जिसमें आरएसएस के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल शाम सात बजे संजीवनी शारदा केंद्र बोहरी जम्मू के फेसबुक पेज पर लोगों को संबोधित करेंगे।
समारोह के दूसरे दिन बड़ी संख्या में लोगों पहुंचे थे, जहां पूजा-अर्चना और सूर्य पूजा की गई। इस दौरान एक सामूहिक संकल्प लिया गया। पूर्व एमएलसी अजय भारती और सामाजिक कार्यकर्ता व शिक्षाविद् संजय पंडिता मौजूद रहे। उत्सव बड़ी संख्या कश्मीरी पंडित, विशेष रूप से कश्मीरी पंडित महिलाएं पारंपरिक कश्मीरी पोशाक में गाते और नृत्य किया। उनकी प्रस्तुतियों को मौजूद सभी भक्तों की सरहा। इस दौरान प्रख्यात धार्मिक विद्वान संजय रैना ने सप्तर्षि संवत के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कश्मीरी पंडितों की समृद्ध संस्कृति और रीति-रिवाजों व त्योहारों की धार्मिक पृष्ठभूमि के बारे में विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। संजीवनी शारदा केंद्र ने तीन दिवसीय नवरेह समारोह आयोजित किया है। इसके पहले दिन त्याग दिवस मनाया गया। दूसरे दिन यानी मंगलवार को सामूहिक संकल्प था। समारोह के तीसरे दिन बुधवार को शौर्य दिवस के रूप में मनाया जाएगा।
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