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Jammu News: जनजातीय संस्कृति और विरासत से रूबरू करवाती है अधृतो सच
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पुस्तक विमोचन कार्यक्रम के दौरन मुख्य अतिथि व अन्य फोटो संवाद
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केएल सहगल हॉल में हुए कार्यक्रम में गोजरी भाषा में लिखी पुस्तक का विमोचन
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। गोजरी भाषा में लिखी पुस्तक अधृतो सच का विमोचन केएल सहगल हॉल में हुआ। पुस्तक में 22 लघु कथाएं हैं, जिनमें से प्रत्येक में जनजातीय संस्कृति और विरासत को दर्शाया गया है। ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभाग के सचिव एजाज असद मुख्य अतिथि थे। पुस्तक का लेखन मंजूर उल हक कलैवी ने किया है।
समारोह में लेखक ने अपनी यात्रा और लेखन के उद्देश्य से दर्शकों को अवगत करवाया। सचिव ने कहा कि पुस्तक एक महत्वपूर्ण साहित्यिक कृति है, जो जनजातीय जीवन की कहानियों को समेटे हुए है। उन्होंने लेखक के प्रयासों की सराहना की और गोजरी लेखकों से जनजातीय भाषा और संस्कृति के दस्तावेजीकरण में योगदान देने का आग्रह किया।
एसएसपी रेलवे शेलेंद्र सिंह ने पुस्तक की विषयगत गहराई पर बात की। डॉ. जावेद राही ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य गोजरी भाषा के लिए एक मंच प्रदान करना है। कार्यक्रम में प्रो. एमके वकार, डॉ. शाहनवाज, मकसूद हुसैन, शाजिया चौधरी, डीआईजी सीआईडी मोहम्मद इरशाद, लेखक खालिद हुसैन और जम्मू-कश्मीर कला संस्कृति और भाषा अकादमी की सचिव हरविंद्र कौर मौजूद रहीं।
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। गोजरी भाषा में लिखी पुस्तक अधृतो सच का विमोचन केएल सहगल हॉल में हुआ। पुस्तक में 22 लघु कथाएं हैं, जिनमें से प्रत्येक में जनजातीय संस्कृति और विरासत को दर्शाया गया है। ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभाग के सचिव एजाज असद मुख्य अतिथि थे। पुस्तक का लेखन मंजूर उल हक कलैवी ने किया है।
समारोह में लेखक ने अपनी यात्रा और लेखन के उद्देश्य से दर्शकों को अवगत करवाया। सचिव ने कहा कि पुस्तक एक महत्वपूर्ण साहित्यिक कृति है, जो जनजातीय जीवन की कहानियों को समेटे हुए है। उन्होंने लेखक के प्रयासों की सराहना की और गोजरी लेखकों से जनजातीय भाषा और संस्कृति के दस्तावेजीकरण में योगदान देने का आग्रह किया।
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एसएसपी रेलवे शेलेंद्र सिंह ने पुस्तक की विषयगत गहराई पर बात की। डॉ. जावेद राही ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य गोजरी भाषा के लिए एक मंच प्रदान करना है। कार्यक्रम में प्रो. एमके वकार, डॉ. शाहनवाज, मकसूद हुसैन, शाजिया चौधरी, डीआईजी सीआईडी मोहम्मद इरशाद, लेखक खालिद हुसैन और जम्मू-कश्मीर कला संस्कृति और भाषा अकादमी की सचिव हरविंद्र कौर मौजूद रहीं।
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