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श्रीराम केवल नाम नहीं, वह हैं जन-जन के जीवन आधार : स्वामी विज्ञानानंद
Tue, 09 Jan 2024 02:19 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Tue, 09 Jan 2024 02:19 AM IST
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दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की ओर से श्रीराम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के उपलक्ष्य में अग्रवाल सभा में लगाया ध्यान शिविर
संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। भगवान श्री राम केवल एक नाम भर नहीं, बल्कि वे जन-जन के जीवन-आधार हैं। राम भारत के प्रतिरूप हैं और भारत उनका है। उनके दृष्टिकोण से जीवन के संदर्भों, परिप्रेक्ष्यों, स्थितियों, परिस्थितियों का विश्लेषण किया जाता है। यह ज्ञान आशुतोष महाराज के शिष्य स्वामी विज्ञानानंद ने सोमवार को दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की ओर से 22 जनवरी को अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के उपलक्ष्य में अग्रवाल सभा जम्मू में आयोजित दिव्य ध्यान शिविर में संगत को दिया। इस दौरान उन्होंने सभी राम भक्तों को श्रीराम मंदिर की बधाई भी दी।
उन्होंने बताया कि भारत से राम और राम से भारत को विलग करने के भले कितनी साजिशें हों, लेकिन यह संभव नहीं हो सकता है। क्योंकि राम भारत की आत्मा हैं। राम भारत के पर्याय हैं। उनका कोई विकल्प नहीं। जिस प्रकार आत्मा को शरीर से और शरीर को आत्मा से कोई अलग नहीं कर सकता, उसी प्रकार राम को भारत से अलग नहीं किया जा सकता है। शिविर में रामभक्तों ने विश्व कल्याण की मंगलकामना के लिए वैदिक मंत्रों का जाप करते हुए सामूहिक रूप से ध्यान साधना की। अंत में स्वामी सुचेतानंद ने सभी रामभक्तों को अयोध्या में श्री राम मंदिर निर्माण की शुभ बेला पर 22 जनवरी को अपने घरों में दीप प्रज्ज्वलित करने का भी आह्वान किया। शिविर के बाद भंडारे का भी आयोजन किया गया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। भगवान श्री राम केवल एक नाम भर नहीं, बल्कि वे जन-जन के जीवन-आधार हैं। राम भारत के प्रतिरूप हैं और भारत उनका है। उनके दृष्टिकोण से जीवन के संदर्भों, परिप्रेक्ष्यों, स्थितियों, परिस्थितियों का विश्लेषण किया जाता है। यह ज्ञान आशुतोष महाराज के शिष्य स्वामी विज्ञानानंद ने सोमवार को दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की ओर से 22 जनवरी को अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के उपलक्ष्य में अग्रवाल सभा जम्मू में आयोजित दिव्य ध्यान शिविर में संगत को दिया। इस दौरान उन्होंने सभी राम भक्तों को श्रीराम मंदिर की बधाई भी दी।
उन्होंने बताया कि भारत से राम और राम से भारत को विलग करने के भले कितनी साजिशें हों, लेकिन यह संभव नहीं हो सकता है। क्योंकि राम भारत की आत्मा हैं। राम भारत के पर्याय हैं। उनका कोई विकल्प नहीं। जिस प्रकार आत्मा को शरीर से और शरीर को आत्मा से कोई अलग नहीं कर सकता, उसी प्रकार राम को भारत से अलग नहीं किया जा सकता है। शिविर में रामभक्तों ने विश्व कल्याण की मंगलकामना के लिए वैदिक मंत्रों का जाप करते हुए सामूहिक रूप से ध्यान साधना की। अंत में स्वामी सुचेतानंद ने सभी रामभक्तों को अयोध्या में श्री राम मंदिर निर्माण की शुभ बेला पर 22 जनवरी को अपने घरों में दीप प्रज्ज्वलित करने का भी आह्वान किया। शिविर के बाद भंडारे का भी आयोजन किया गया।
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