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Jammu News: राज्य भूमि आंवटन मामले में राजस्व अधिकारी व लाभार्थियों के खिलाफ केस
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आरोपियों में दो तत्कालीन तहसीलदार, एक नायब तहसीलदार और एक पटवारी शामिल
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। राजस्व विभाग के अधिकारियों ने लाभार्थी की मदद से पहले सरकार भूमि को अवैध रूप से हासिल करने की साजिश रची, फिर उसी भूमि को करोड़ रुपये में बेच डाला। अब इस मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) जम्मू ने दो तत्कालीन तहसीलदार, एक नायब तहसीलदार और एक पटवारी के साथ-साथ लाभार्थी एवं अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
एसीबी को मिली शिकायत में बताया की राजस्व विभाग के अधिकारियों ने कुछ लोगों के साथ मिलकर सरकारी भूमि को बेच डाला है। जांच में पता चला कि 24 मई 2013 को कैबिनट के एक आदेश के तहत शरणार्थी आवंटी के रूप में तारा सिंह को भूमि दी थी। आदेश स्पष्ट था कि उक्त भूमि का आवंटी को छह महीने में उपयोग करना होगा है। ऐसा नहीं करने पर भूमि दूसरे शरणार्थी को दी जाएगी।
उक्त भूमि रजिस्टर खसरा गिरदावरी में भूमि गैर मौरूसी के रूप में नजीर अहमद के नाम पर थी। उक्त भूमि का स्वामित्व का अधिकार तारा सिंह को देने से पहले सभी के साथ मिलकर (तत्कालीन तहसीलदार सेटलमेंट जम्मू, तहसील बाहु के तत्कालीन राजस्व अधिकारियों व कर्मचारियों, लाभार्थी तारा सिंह, नजीर अहमद और अटॉर्नी धारक जावेद इकबाल) के साथ मिलकर सुनियोजित तरीके के साथ जाविद इकबाल को पावर ऑफ ऑटर्नी दे कर पहले अवैध रूप से भूमि हासिल करने की साजिश रची।
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इसके बाद में सभी ने करोड़ों की कीमत वाली जमीन बेच दी, जिससे सरकारी खजाने को नुकसान हुआ। एसीबी इस मामले में आग की जांच कर रही है।
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इन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज
रविंदर शर्मा, तत्कालीन तहसीलदार ( सेटलमेंट) जम्मू, मोहम्मद बशीर, तत्कालीन तहसीलदार बाहु, मोहम्मद सरवर लोन, तत्कालीन नायब तहसीलदार बाहु, जम्मू, मोहम्मद रशीद मलिक, तत्कालीन पटवारी चौआधी जम्मू, लाभार्थी और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। राजस्व विभाग के अधिकारियों ने लाभार्थी की मदद से पहले सरकार भूमि को अवैध रूप से हासिल करने की साजिश रची, फिर उसी भूमि को करोड़ रुपये में बेच डाला। अब इस मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) जम्मू ने दो तत्कालीन तहसीलदार, एक नायब तहसीलदार और एक पटवारी के साथ-साथ लाभार्थी एवं अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
एसीबी को मिली शिकायत में बताया की राजस्व विभाग के अधिकारियों ने कुछ लोगों के साथ मिलकर सरकारी भूमि को बेच डाला है। जांच में पता चला कि 24 मई 2013 को कैबिनट के एक आदेश के तहत शरणार्थी आवंटी के रूप में तारा सिंह को भूमि दी थी। आदेश स्पष्ट था कि उक्त भूमि का आवंटी को छह महीने में उपयोग करना होगा है। ऐसा नहीं करने पर भूमि दूसरे शरणार्थी को दी जाएगी।
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उक्त भूमि रजिस्टर खसरा गिरदावरी में भूमि गैर मौरूसी के रूप में नजीर अहमद के नाम पर थी। उक्त भूमि का स्वामित्व का अधिकार तारा सिंह को देने से पहले सभी के साथ मिलकर (तत्कालीन तहसीलदार सेटलमेंट जम्मू, तहसील बाहु के तत्कालीन राजस्व अधिकारियों व कर्मचारियों, लाभार्थी तारा सिंह, नजीर अहमद और अटॉर्नी धारक जावेद इकबाल) के साथ मिलकर सुनियोजित तरीके के साथ जाविद इकबाल को पावर ऑफ ऑटर्नी दे कर पहले अवैध रूप से भूमि हासिल करने की साजिश रची।
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इसके बाद में सभी ने करोड़ों की कीमत वाली जमीन बेच दी, जिससे सरकारी खजाने को नुकसान हुआ। एसीबी इस मामले में आग की जांच कर रही है।
इन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज
रविंदर शर्मा, तत्कालीन तहसीलदार ( सेटलमेंट) जम्मू, मोहम्मद बशीर, तत्कालीन तहसीलदार बाहु, मोहम्मद सरवर लोन, तत्कालीन नायब तहसीलदार बाहु, जम्मू, मोहम्मद रशीद मलिक, तत्कालीन पटवारी चौआधी जम्मू, लाभार्थी और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया हैं।