फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   jammu, court, hearing

Jammu News: कोर्ट ने उठाए पुलिस की जांच रिपोर्ट पर सवाल, काउंटर एफआईआर की रिपोर्ट लौटाई

विज्ञापन
jammu, court, hearing
एक मामले में जांच दो महीने में दोबारा और दूसरे की जांच सीबीआई को उठाने का निर्देश दिया
विज्ञापन

जम्मू। काउंटर एफआईआर मामलों में पुलिस की जांच रिपोर्ट पर हाईकोर्ट ने सवाल उठाए हैं। जानीपुर पुलिस थाने में प्रोबेशनर जज अजय सरीन की शिकायत पर पक्का डंगा निवासी रोहित पर मारपीट का मामला दर्ज है। पक्का डंगा पुलिस स्टेशन में रोहित किशन भट्ट की पत्नी रागिनी राजपूत की शिकायत पर प्रोबेशनर जज अजय सरीन के खिलाफ प्रताड़ित करने और मारपीट का मामला दर्ज है। दोनों मामलों पर सुनवाई करते हुए न्यायाधीश राहुल भारती ने पुलिस की जांच को घटिया और समझौतापूर्ण बताया। दोनों मामलों की जांच नए सिरे से करने का आदेश दिया।
पक्का डंगा थाने में दर्ज मामले की जांच दोबारा दो महीनों के भीतर करने और जानीपुर मामले की जांच सीबीआई को सौंप 90 दिनों के भीतर करने को कहा। जानीपुर पुलिस को मामले का रिकार्ड सीबीआई को सौंपने के लिए कहा गया है। न्यायाधीश ने टिप्पणी करते हुए कहा कि आपराधिक मामले में जांच का मतलब एफआईआर की स्क्रिप्ट के अनुसार खुद को ढालना नहीं है। पुलिस की रिपोर्ट आरोपों, प्रति-आरोपों और समझौतापूर्ण पुलिस कार्य के उलझे हुए जाल के संदर्भ में है।
विज्ञापन


ये है मामला
एक मामले में प्रोबेशनरी पब्लिक प्रॉसिक्यूटर और सिविल जज अजय कुमार सरीन ने रोहित कृष्ण भट पर हमला करने का आरोप लगाया और इसके विपरीत भट्ट की पत्नी रागिनी राजपूत द्वारा सरीन के खिलाफ उत्पीड़न, पीछा करने और हमला करने के आरोप लगाए।। 23 जनवरी, 2024 को दर्ज की गई पहली एफआईआर में रोहित भट्ट पर सरीन पर लोहे की वस्तु से हमला करने का आरोप लगाया गया, जिससे उन्हें चोटें आईं। कुछ दिनों बाद राजपूत द्वारा एक जवाबी एफआईआर दर्ज की गई। इसमें सरीन पर लगातार उत्पीड़न और हमले का आरोप लगाया गया। मामलों में पुलिस जांच में स्पष्ट खामियां सामने आईं।
विज्ञापन
विज्ञापन


मामलों की जांच कानूनी प्रक्रियाओं के दुरुपयोग का उदाहरण
अदालत ने कहा कि वर्तमान मामले कानूनी प्रक्रियाओं के दुरुपयोग के उदाहरण हैं। जिसमें मुख्य पात्र मनगढ़ंत कहानियों का सहारा ले रहे हैं। वर्तमान मामले तथ्यों के साथ छेड़छाड़ और बेधड़क मनगढ़ंत कहानियों का सहारा लेकर कानून की प्रक्रिया के दुरुपयोग का जीवंत उदाहरण हैं। ये पुलिस स्टेशन जानीपुर जम्मू द्वारा जांच दृष्टिकोण के प्रति उपेक्षापूर्ण रवैये से प्रेरित है। जो इस तरह से कार्य कर रहा है। दोनों पक्षों की विश्वसनीयता को कमजोर किया। जेएनएफ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed