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Jammu News: जम्मू विवि में शोध और कौशल विकास को मिलेगा बढ़ावा
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बौद्ध अध्ययन विभाग और यूनिवर्सिटी ऑफ लाइफ के बीच हुआ समझौता
संवाद न्यूज एजेंसी।
जम्मू। जम्मू विश्वविद्यालय (जेयू) के बौद्ध अध्ययन विभाग और यूनिवर्सिटी ऑफ लाइफ ने शोध और कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए एमओयू साइन किया। इसका उद्देश्य बौद्ध सिद्धांतों, मनोविज्ञान और व्यवहारिक विज्ञान के व्यावहारिक अनुप्रयोगों पर शोध को बढ़ावा देना है।
इससे मानसिक स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों का समाधान खोजा जा सके। यह सहयोग व्यावहारिक बौद्ध अध्ययन और मानसिक कल्याण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। समझौते पर हस्ताक्षर जेयू के रजिस्ट्रार डॉ. नीरज शर्मा और यूनिवर्सिटी ऑफ लाइफ की संस्थापक शिल्पा गुप्ता ने किए। इस दौरान विभाग के संकाय सदस्य और शोधार्थी भी उपस्थित रहे। समझौते के तहत संयुक्त शोध परियोजनाएं, शैक्षणिक आदान-प्रदान और कौशल-आधारित कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई। जिससे छात्रों, शोधकर्ताओं और व्यापक समुदाय को लाभ हो।
इस दौरान डॉ. नीरज शर्मा ने कहा के यह सहयोग अकादमिक और व्यावहारिक ज्ञान को जोड़कर प्रभावी शिक्षण अनुभव प्रदान करेगा। हमें विश्वास है कि यह पहल छात्रों के समग्र विकास में सहायक होगी। शिल्पा गुप्ता ने कहा की इस साझेदारी से बौद्ध सिद्धांतों के नवाचारपूर्ण शोध और व्यावहारिक अनुप्रयोग को बढ़ावा मिलेगा। जिससे मानसिक स्वास्थ्य से जूड़ी चुनौतियों को हल करने में मदद मिलेगी।
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इस अवसर पर प्रो. मोहम्मद रियाज अहमद, अध्यक्ष, बौद्ध अध्ययन विभाग, डॉ. राजेश शर्मा, डॉ. विवेक शर्मा, डॉ. सोनिया जसरोतिया, डॉ. रोहित शर्मा व अन्य उपस्थित रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी।
जम्मू। जम्मू विश्वविद्यालय (जेयू) के बौद्ध अध्ययन विभाग और यूनिवर्सिटी ऑफ लाइफ ने शोध और कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए एमओयू साइन किया। इसका उद्देश्य बौद्ध सिद्धांतों, मनोविज्ञान और व्यवहारिक विज्ञान के व्यावहारिक अनुप्रयोगों पर शोध को बढ़ावा देना है।
इससे मानसिक स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों का समाधान खोजा जा सके। यह सहयोग व्यावहारिक बौद्ध अध्ययन और मानसिक कल्याण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। समझौते पर हस्ताक्षर जेयू के रजिस्ट्रार डॉ. नीरज शर्मा और यूनिवर्सिटी ऑफ लाइफ की संस्थापक शिल्पा गुप्ता ने किए। इस दौरान विभाग के संकाय सदस्य और शोधार्थी भी उपस्थित रहे। समझौते के तहत संयुक्त शोध परियोजनाएं, शैक्षणिक आदान-प्रदान और कौशल-आधारित कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई। जिससे छात्रों, शोधकर्ताओं और व्यापक समुदाय को लाभ हो।
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इस दौरान डॉ. नीरज शर्मा ने कहा के यह सहयोग अकादमिक और व्यावहारिक ज्ञान को जोड़कर प्रभावी शिक्षण अनुभव प्रदान करेगा। हमें विश्वास है कि यह पहल छात्रों के समग्र विकास में सहायक होगी। शिल्पा गुप्ता ने कहा की इस साझेदारी से बौद्ध सिद्धांतों के नवाचारपूर्ण शोध और व्यावहारिक अनुप्रयोग को बढ़ावा मिलेगा। जिससे मानसिक स्वास्थ्य से जूड़ी चुनौतियों को हल करने में मदद मिलेगी।
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इस अवसर पर प्रो. मोहम्मद रियाज अहमद, अध्यक्ष, बौद्ध अध्ययन विभाग, डॉ. राजेश शर्मा, डॉ. विवेक शर्मा, डॉ. सोनिया जसरोतिया, डॉ. रोहित शर्मा व अन्य उपस्थित रहे।