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Jammu News: पौने दो करोड़ के मिनी स्टेडियम में अव्यवस्था का खेल
Thu, 07 Nov 2024 03:00 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Thu, 07 Nov 2024 03:00 AM IST
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मढ़ का मामला; साफ-सफाई और उचित रखरखाव नहीं होने से खिलाड़ी परेशान, चौकीदार नहीं होने पर शाम ढलते ही सजती हैं नशेड़ियों की महफिलें
दस साल गुजरने के बाद भी स्टेडियम से नहीं हटे तीन बिजली के खंभे
कम ऊंचाई से गुजर रही तारें दे रहीं हादसों को न्योता
संवाद न्यूज एजेंसी
दोमाना। ग्रामीण प्रतिभा को निखारने के उद्देश्य से 2015 में बनाए मिनी स्टेडियम मढ़ में अव्यवस्था का बोलबाला है। इसका खिलाड़ियों पर काफी नकारात्मक असर पड़ रहा है। वहीं, चौकीदार नहीं होने से शाम ढलते ही नशेड़ियों की महफिलें लगती हैं। मैदान में शराब की खाली बोतलें पड़ी रहती हैं। इससे स्थानीय लोगों में काफी रोष है।
स्थानीय निवासी स्थानीय निवासी तरसेम लाल शिंदा, शमशेर सिंह चिब और पुरुषोत्तम चिब ने बताया कि 2015 में 1.81 करोड़ की लागत से मिनी स्टेडियम का निर्माण किया गया था। इसका उद्देश्य ग्रामीण प्रतिभा को मंच प्रदान करना था। लेकिन, सरकार और प्रशासन की ओर से आज तक न तो कोच की व्यवस्था की गई और न ही साफ-सफाई के प्रबंध किए गए हैं।
बिजली के तीन खंभे भी आजतक मिनी स्टेडियम के बीचोंबीच स्थिति हैं। झूलती और कम ऊंचाई से गुजर रहीं तारों के चलते हर समय हादसों का अंदेशा बना रहता है। सुविधाओं के अभाव के चलते खिलाड़ियों की जगह नशेड़ी मिनी स्टेडियम का इस्तेमाल कर रहे हैं। यह नशेड़ियों का अड्डा बन चुका है।
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मैदान और सीढि़यों पर बिखरी शराब की बोतलें और सामान
मौजूदा समय में मिनी स्टेडियम की सीढि़यों और मैदान में शराब की खाली बोतलें और अन्य सामान बिखरा हुआ है। असामाजिक तत्वों की यहां पर शाम ढलते ही महफिलें सजती हैं। मुख्य गेट में पर तो ताला लगा है, लेकिन छोटा गेट खुला रहता है। देखरेख और सुरक्षा के अभाव में स्टेडियम नशे का अड्डा बन चुका है। मैदान में उगी घास को आज तक नहीं काटा गया है, जिस कारण जहरीले कीड़े-मकोड़ों के काटने का भय रहता है।
जल्द दूर की जाएंगी स्टेडियम की कमियां
मढ़ के विधायक सुरेंद्र भगत ने बताया कि कुछ दिन पहले ही पदभार संभाला है। स्टेडियम में आ रही कमियों को दूर किया जाएगा। अगर जरूरत पड़ी तो असेंबली में भी आवाज उठाई जाएगी। नशेड़ियों के खिलाफ सख्त कारवाई की जाएगी, ताकि युवा नशे की चपेट में न आएं।
खेल मैदान में शाम ढलते ही असामाजिक तत्व और शराबियों का जमावड़ा लग जाता है। वह माहौल को दूषित करने के साथ ही गंदगी फैला रहे हैं। हर शाम बड़ी संख्या में खिलाड़ी अभ्यास के लिए पहुंचते हैं, जिन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सैर करने वालों से भी असामाजिक तत्व झगड़ा करते हैं। इस संबंध में कदम उठाए जाने चाहिए।
- राजेंद्र कुमार मोती, स्थानीय निवासी
शरारती तत्वों पर कार्रवाई नहीं होने का नुकसान मैदान और खिलाड़ियों को हो रहा है। खेल मैदान में पुलिस गश्त जरूरी है। साथ ही खेल मैदान में साफ सफाई की जाए, ताकि बच्चे वहां पर खेल सकें। मैदान में लगे खंभे और बिजली की तारें भी हटाई जाएं।
- दीपक पांडेय, निवासी संग्रामपुर
असामाजिक तत्वों पर अंकुश लगाया जाना चाहिए। खेल मैदान के एक हिस्से में हमेशा अंधेरा रहता है, जहां रोशनी का इंतजाम किया जाना चाहिए। साथ ही खिलाड़ियों के लिए कोच की व्यवस्था की जाए, ताकि बच्चों को खेलों का अभ्यास करने में मदद मिल सके। मैदान की सफाई करवाई जाए।
- जोगेंद्र संगम, समाज सेवक
प्रशासन की लापरवाही और अधिकारियों की उदासीनता के चलते स्टेडियम की स्थिति बिगड़ चुकी है। यदि प्रशासन अपने दायित्वों का सही ढंग से निर्वहन करता तो ऐसा न होता। ग्रामीण प्रतिभाओं को निखारने के लिए उचित कदम उठाए जाने चाहिए। नशेड़ियों पर भी कार्रवाई की जाए।
- प्रेम सिंह चिब, पूर्व सरपंच, चन्नो चक
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कोट
इस संबंध में जानकारी नहीं थी। जल्द ही दौरा स्थिति का जायजा लिया जाएगा। साथ अधिकारियों से बात कर खेलों से संबंधित समस्याओं का समाधान किया जाएगा। नशे को रोकने के लिए भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।
- अथर अमीन जरगर, एसडीएम, मढ़
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दस साल गुजरने के बाद भी स्टेडियम से नहीं हटे तीन बिजली के खंभे
कम ऊंचाई से गुजर रही तारें दे रहीं हादसों को न्योता
संवाद न्यूज एजेंसी
दोमाना। ग्रामीण प्रतिभा को निखारने के उद्देश्य से 2015 में बनाए मिनी स्टेडियम मढ़ में अव्यवस्था का बोलबाला है। इसका खिलाड़ियों पर काफी नकारात्मक असर पड़ रहा है। वहीं, चौकीदार नहीं होने से शाम ढलते ही नशेड़ियों की महफिलें लगती हैं। मैदान में शराब की खाली बोतलें पड़ी रहती हैं। इससे स्थानीय लोगों में काफी रोष है।
स्थानीय निवासी स्थानीय निवासी तरसेम लाल शिंदा, शमशेर सिंह चिब और पुरुषोत्तम चिब ने बताया कि 2015 में 1.81 करोड़ की लागत से मिनी स्टेडियम का निर्माण किया गया था। इसका उद्देश्य ग्रामीण प्रतिभा को मंच प्रदान करना था। लेकिन, सरकार और प्रशासन की ओर से आज तक न तो कोच की व्यवस्था की गई और न ही साफ-सफाई के प्रबंध किए गए हैं।
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बिजली के तीन खंभे भी आजतक मिनी स्टेडियम के बीचोंबीच स्थिति हैं। झूलती और कम ऊंचाई से गुजर रहीं तारों के चलते हर समय हादसों का अंदेशा बना रहता है। सुविधाओं के अभाव के चलते खिलाड़ियों की जगह नशेड़ी मिनी स्टेडियम का इस्तेमाल कर रहे हैं। यह नशेड़ियों का अड्डा बन चुका है।
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मैदान और सीढि़यों पर बिखरी शराब की बोतलें और सामान
मौजूदा समय में मिनी स्टेडियम की सीढि़यों और मैदान में शराब की खाली बोतलें और अन्य सामान बिखरा हुआ है। असामाजिक तत्वों की यहां पर शाम ढलते ही महफिलें सजती हैं। मुख्य गेट में पर तो ताला लगा है, लेकिन छोटा गेट खुला रहता है। देखरेख और सुरक्षा के अभाव में स्टेडियम नशे का अड्डा बन चुका है। मैदान में उगी घास को आज तक नहीं काटा गया है, जिस कारण जहरीले कीड़े-मकोड़ों के काटने का भय रहता है।
जल्द दूर की जाएंगी स्टेडियम की कमियां
मढ़ के विधायक सुरेंद्र भगत ने बताया कि कुछ दिन पहले ही पदभार संभाला है। स्टेडियम में आ रही कमियों को दूर किया जाएगा। अगर जरूरत पड़ी तो असेंबली में भी आवाज उठाई जाएगी। नशेड़ियों के खिलाफ सख्त कारवाई की जाएगी, ताकि युवा नशे की चपेट में न आएं।
खेल मैदान में शाम ढलते ही असामाजिक तत्व और शराबियों का जमावड़ा लग जाता है। वह माहौल को दूषित करने के साथ ही गंदगी फैला रहे हैं। हर शाम बड़ी संख्या में खिलाड़ी अभ्यास के लिए पहुंचते हैं, जिन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सैर करने वालों से भी असामाजिक तत्व झगड़ा करते हैं। इस संबंध में कदम उठाए जाने चाहिए।
- राजेंद्र कुमार मोती, स्थानीय निवासी
शरारती तत्वों पर कार्रवाई नहीं होने का नुकसान मैदान और खिलाड़ियों को हो रहा है। खेल मैदान में पुलिस गश्त जरूरी है। साथ ही खेल मैदान में साफ सफाई की जाए, ताकि बच्चे वहां पर खेल सकें। मैदान में लगे खंभे और बिजली की तारें भी हटाई जाएं।
- दीपक पांडेय, निवासी संग्रामपुर
असामाजिक तत्वों पर अंकुश लगाया जाना चाहिए। खेल मैदान के एक हिस्से में हमेशा अंधेरा रहता है, जहां रोशनी का इंतजाम किया जाना चाहिए। साथ ही खिलाड़ियों के लिए कोच की व्यवस्था की जाए, ताकि बच्चों को खेलों का अभ्यास करने में मदद मिल सके। मैदान की सफाई करवाई जाए।
- जोगेंद्र संगम, समाज सेवक
प्रशासन की लापरवाही और अधिकारियों की उदासीनता के चलते स्टेडियम की स्थिति बिगड़ चुकी है। यदि प्रशासन अपने दायित्वों का सही ढंग से निर्वहन करता तो ऐसा न होता। ग्रामीण प्रतिभाओं को निखारने के लिए उचित कदम उठाए जाने चाहिए। नशेड़ियों पर भी कार्रवाई की जाए।
- प्रेम सिंह चिब, पूर्व सरपंच, चन्नो चक
कोट
इस संबंध में जानकारी नहीं थी। जल्द ही दौरा स्थिति का जायजा लिया जाएगा। साथ अधिकारियों से बात कर खेलों से संबंधित समस्याओं का समाधान किया जाएगा। नशे को रोकने के लिए भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।
- अथर अमीन जरगर, एसडीएम, मढ़