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Jammu News: देसी घी बीस रुपये महंगा, थोड़ा-थोड़ा करें इस्तेमाल
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- दूध के दाम बढ़ने के कारण दामों में हुआ इजाफा, 645 रुपये से बढ़कर पहुंचा 665 रुपये पहुंचे दाम
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। देसी घी के होल सेल दाम में 20 रुपये का इजाफा हुआ है। घी कारोबारियों के अनुसार दाम बढ़ने का कारण दूध की कीमतों में बढ़ोतरी है। प्रदेश को बाहरी राज्यों से आने वाला नामी कंपनियों का घी बीस रुपये महंगा मिल रहा है। पहले घी के दाम 645 रुपये थे। जनवरी माह में पांच रुपये सस्ता हुआ था। अब 20 रुपये महंगा हो गया है।
जम्मू संभाग में 10 हजार लीटर घी की हर रोज खप्त होती है। इसी तरह नौ हजार लीटर घी कश्मीर घाटी के लिए भेजा जाता है। कनक मंडी और वेयरहाउस के माध्यम से पूरे प्रदेशभर में आपूर्ति होती है। देसी घी की डिमांड इसलिए ज्यादा रहती है कि लोग खाने में इसका प्रयोग करते हैं।
इसके बाद लोग घी का प्रयोग मिठाइयां सहित अन्य व्यंजन तैयार करने में भी होता है। वेयरहाउस में होल सेल व्यापारी अतुल कुमार के अनुसार दाम यकायक बढ़े हैं। अब नई सप्लाई लोगों को बीस रुपये महंगी मिल रही है। प्रदेश में बाहरी कंपनियों का ब्रांड भी खूब बिकता है।
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इसके अलावा कठुआ में स्थानीय स्तर पर तैयार होने वाले घी की भी डिमांड रहती है। तमाम ब्रांडों के दाम में बढ़ोतरी हुई है। पहले उम्मीद थी कि दामों में कमी आएगी मगर दाम बढ़ गए हैं। दूध के दाम बाहरी राज्यों में 45 से 50 रुपये पहुंच गए है। थोक व्यापारी अनिल महाजन के अनुसार पहले बाहरी राज्यों से आने वाले घी महंगा हुआ। इसके बाद स्थानीय ब्रांड भी महंगे हो गए। सबसे ज्यादा डिमांड प्रदेश में घी की रहती है।
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। देसी घी के होल सेल दाम में 20 रुपये का इजाफा हुआ है। घी कारोबारियों के अनुसार दाम बढ़ने का कारण दूध की कीमतों में बढ़ोतरी है। प्रदेश को बाहरी राज्यों से आने वाला नामी कंपनियों का घी बीस रुपये महंगा मिल रहा है। पहले घी के दाम 645 रुपये थे। जनवरी माह में पांच रुपये सस्ता हुआ था। अब 20 रुपये महंगा हो गया है।
जम्मू संभाग में 10 हजार लीटर घी की हर रोज खप्त होती है। इसी तरह नौ हजार लीटर घी कश्मीर घाटी के लिए भेजा जाता है। कनक मंडी और वेयरहाउस के माध्यम से पूरे प्रदेशभर में आपूर्ति होती है। देसी घी की डिमांड इसलिए ज्यादा रहती है कि लोग खाने में इसका प्रयोग करते हैं।
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इसके बाद लोग घी का प्रयोग मिठाइयां सहित अन्य व्यंजन तैयार करने में भी होता है। वेयरहाउस में होल सेल व्यापारी अतुल कुमार के अनुसार दाम यकायक बढ़े हैं। अब नई सप्लाई लोगों को बीस रुपये महंगी मिल रही है। प्रदेश में बाहरी कंपनियों का ब्रांड भी खूब बिकता है।
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इसके अलावा कठुआ में स्थानीय स्तर पर तैयार होने वाले घी की भी डिमांड रहती है। तमाम ब्रांडों के दाम में बढ़ोतरी हुई है। पहले उम्मीद थी कि दामों में कमी आएगी मगर दाम बढ़ गए हैं। दूध के दाम बाहरी राज्यों में 45 से 50 रुपये पहुंच गए है। थोक व्यापारी अनिल महाजन के अनुसार पहले बाहरी राज्यों से आने वाले घी महंगा हुआ। इसके बाद स्थानीय ब्रांड भी महंगे हो गए। सबसे ज्यादा डिमांड प्रदेश में घी की रहती है।