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जम्मू: गृह मंत्री के दौरे से रिजर्व्ड कैटेगरी इंप्लाइज को बंधी स्थानांतरण नीति लागू होने की उम्मीद
Fri, 13 Jan 2023 09:59 PM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Fri, 13 Jan 2023 09:59 PM IST
सार
प्रदर्शनकारी कर्मचारी अंजना बाला ने कहा कि घाटी में सेवाएं दे रहे कर्मचारियों को स्थानांतरित किया जाना चाहिए, ताकि उन्हें राहत मिल सके।
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Jammu Protest
- फोटो : संवाद
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विस्तार
ऑल जम्मू बेस्ड रिजर्व्ड कैटेगरी इंप्लाइज ने शुक्रवार को प्रदर्शन किया। इस दौरान कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के दौरे से उन्हें स्थानांतरण नीति लागू होने की उम्मीद बंधी है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वह कई महीनों से स्थानांतरण की मांग कर रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई कदम नहीं उठाया गया है।
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प्रदर्शनकारी कर्मचारी अंजना बाला ने कहा कि घाटी में सेवाएं दे रहे कर्मचारियों को स्थानांतरित किया जाना चाहिए, ताकि उन्हें राहत मिल सके। अंजना बाला ने कहा कि पंद्रह साल से घाटी में कार्यरत हैं, लेकिन अभी तक उनके बच्चों को जम्मू की सांस्कृतिक त्योहार की जानकारी नहीं है। इतना नहीं, बल्कि जम्मू के सुविख्यात मंदिरों से भी अनभिज्ञ हैं। घाटी में कई निर्दोष नागरिकों की लक्षित हत्याएं की गई हैं।
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उन्होंने कहा कि ढांगरी कांड में जान गंवाने वालों ने कश्मीर में कार्यरत कर्मचारियों के हिस्से की जान गंवाई है। अगर कर्मचारी घाटी में होते तो आतंकी वहां उनको निशाना बनाते। उन्होंने कहा कि हिंदू परिवारों की आतंकी हत्याएं कर रहे हैं। इस वजह से वह घाटी में जाने से डर रहे हैं। प्रदर्शनकारी रंजन ने कहा कि घाटी जाने की बजाय वह जम्मू की सड़कों पर रहना पसंद कर रहे हैं। इसकी खास वजह यह है कि हम अपने आप को वहां सुरक्षित नहीं समझ रहे हैं। अभी तक वहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए हैं। आवास की सुविधा उपलब्ध नहीं है।
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रंजन ने रोष जताते हुए कहा कि पहले उन्हें जम्मू के लिए रिलोकेट किया जाए। उसके बाद हालात ठीक होंगे तो पुनर्वास के तहत दोबारा घाटी जाएंगे। फिलहाल घाटी के बारे में सोचना संभव नहीं है। उन्होंने प्रशासन से जल्द स्थानांतरण की मांग उठाई।