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Jammu News: कार्यशाला में विद्यार्थियों ने जाने सीपीआर देने के तरीके
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दिल का दौरा पड़ने पर सीपीआर कैसे दे का प्रशिक्षण देते प्रशिक्षक फोटो विवि
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। नागरिक रक्षा पर केंद्रीय विश्वविद्यालय श्री रणबीर कैंपस में जारी कार्यशाला के दूसरे दिन छात्रों को सीपीआर कैसे दे इसके प्रति जागरूक किया गया। इस का उद्देश्य छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ा और उन्हें वास्तविक जीवन में आपातकालीन चिकित्सा सहायता देने के लिए तैयार करना हैं।
इस कार्यशाला का आयोजन श्री रणबीर कैंपस की एनएसएस इकाई के सहयोग से किया जा रहा है। इसमें छात्रों को आपातकालीन स्थितियों में कैसे काम करे इसके लिए आवश्यक कौशल दिया जा रहा है। कार्यशाला में 170 छात्रों ने नामांकन किया हैं।
इस दौरान प्रशिक्षक राजिंदर कुमार के नेतृत्व में छात्रों को सीपीआर देने की प्रक्रिया का लाइव प्रदर्शित किया गया। इस दौरान उन्हें दिल का दौरा पड़ने की स्थिति को पहचानने, छाती पर सही तरीके से दबाव डालने और पुनर्जीवन के दौरान उचित लय बनाए रखने की विधि सिखाई गई। कार्यशाला पांच दिनों तक चलेगी।
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एनएसएस कार्यक्रम समन्वयक डॉ. गोपाल वर्मा और एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी मनिंदर सिंह ने इस प्रशिक्षण कार्यशालाओं के महत्व को रेखांकित किया। ऐसे कार्यक्रम न केवल छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करते हैं बल्कि उन्हें आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए सक्षम भी बनाते हैं।
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जम्मू। नागरिक रक्षा पर केंद्रीय विश्वविद्यालय श्री रणबीर कैंपस में जारी कार्यशाला के दूसरे दिन छात्रों को सीपीआर कैसे दे इसके प्रति जागरूक किया गया। इस का उद्देश्य छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ा और उन्हें वास्तविक जीवन में आपातकालीन चिकित्सा सहायता देने के लिए तैयार करना हैं।
इस कार्यशाला का आयोजन श्री रणबीर कैंपस की एनएसएस इकाई के सहयोग से किया जा रहा है। इसमें छात्रों को आपातकालीन स्थितियों में कैसे काम करे इसके लिए आवश्यक कौशल दिया जा रहा है। कार्यशाला में 170 छात्रों ने नामांकन किया हैं।
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इस दौरान प्रशिक्षक राजिंदर कुमार के नेतृत्व में छात्रों को सीपीआर देने की प्रक्रिया का लाइव प्रदर्शित किया गया। इस दौरान उन्हें दिल का दौरा पड़ने की स्थिति को पहचानने, छाती पर सही तरीके से दबाव डालने और पुनर्जीवन के दौरान उचित लय बनाए रखने की विधि सिखाई गई। कार्यशाला पांच दिनों तक चलेगी।
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एनएसएस कार्यक्रम समन्वयक डॉ. गोपाल वर्मा और एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी मनिंदर सिंह ने इस प्रशिक्षण कार्यशालाओं के महत्व को रेखांकित किया। ऐसे कार्यक्रम न केवल छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करते हैं बल्कि उन्हें आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए सक्षम भी बनाते हैं।