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Jammu News: केसर, सेब, आम और लीची फल को मिलेगा फसल बीमा कवर
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मंत्री ने कहा- नवंबर 2024 में सरकार ने शुरू की है बीमा के लिए टेंडर प्रक्रिया
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। बारिश, तूफान और ओलावृष्टि से बागवानों को होने वाले नुकसान को अब बीमा कवर मिलेगा। सरकार अपनी बीमा नीति में अब केसर, सेब, आम और लीची को शामिल करेगा। इससे इन फलों का उत्पादन करने वाले बागवानों के नुकसान की भरपाई की जा सकी। बीमा कंपनी को जोड़ने के लिए प्रदेश कृषि विभाग ने पिछले साल नवंबर में टेंडर प्रक्रिया शुरू की है।
सोमवार को विधानसभा में विधायक शौकत हुसैन गनाई ने सितंबर 2024 में ओलावृष्टि से हुए नुकसान से संबंधित प्रश्न पूछा था। उन्होंने कहा कि बागवानों का नुकसान 15 लाख का हुआ है। सरकार ने उन्हें दो हजार दिए हैं। सरकार अब इन फलों को बीमा में शामिल करेगी। इसपर जवाब देते हुए कृषि मंत्री जावेद अहमद डार ने कहा कि बागवानों को एसडीआरएफ के नियमों के हिसाब से भुगतान दिया जाता है।
उन्होंने कहा कि 2009 से सेब, केसर, आम और लीची को फसल बीमा योजना में शामिल किया था। 2019 के बाद से इसमें कोई भी बीमा कंपनी सामने नहीं है। अब सरकार ने पिछले साल नवंबर में नए टेंडर प्रक्रिया शुरू की है। इसमें कृषि विभाग काम कर रहा है। इसमें सेब सहित उक्त फल के बीमा का पांच फीसदी किसान को देना होगा बाकि राशि सरकार देगी।
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वहीं, शोपियां से विधायक शब्बीर अहमद कुल्ले ने कहा कि हिमाचल में बागवानों को सरकार सब्सिडी पर नेट दिए जाते हैं, ताकि बागवान ओलावृष्टि से अपनी फल को बचा सकें। जम्मू-कश्मीर में भी सरकार को इस तरह की सुविधा बागवानों को देनी चाहिए, ताकि जो किसान फसल बीमा योजना में कवर न हो तो उन्हें सब्सिडी पर कम से कम नेट मिलें। इस पर मंत्री ने कहा कि इस पर विभाग के अधिकारियों के साथ मिल कार्य योजना बनाएंगे, ताकि हम भी ऐसा कुछ कर सके। बता दें की जम्मू, सांबा, रियासी, कठुआ और उधमपुर में आम होता है। इससे जम्मू संभाग के बागवानों को भी सुविधा मिलेगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। बारिश, तूफान और ओलावृष्टि से बागवानों को होने वाले नुकसान को अब बीमा कवर मिलेगा। सरकार अपनी बीमा नीति में अब केसर, सेब, आम और लीची को शामिल करेगा। इससे इन फलों का उत्पादन करने वाले बागवानों के नुकसान की भरपाई की जा सकी। बीमा कंपनी को जोड़ने के लिए प्रदेश कृषि विभाग ने पिछले साल नवंबर में टेंडर प्रक्रिया शुरू की है।
सोमवार को विधानसभा में विधायक शौकत हुसैन गनाई ने सितंबर 2024 में ओलावृष्टि से हुए नुकसान से संबंधित प्रश्न पूछा था। उन्होंने कहा कि बागवानों का नुकसान 15 लाख का हुआ है। सरकार ने उन्हें दो हजार दिए हैं। सरकार अब इन फलों को बीमा में शामिल करेगी। इसपर जवाब देते हुए कृषि मंत्री जावेद अहमद डार ने कहा कि बागवानों को एसडीआरएफ के नियमों के हिसाब से भुगतान दिया जाता है।
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उन्होंने कहा कि 2009 से सेब, केसर, आम और लीची को फसल बीमा योजना में शामिल किया था। 2019 के बाद से इसमें कोई भी बीमा कंपनी सामने नहीं है। अब सरकार ने पिछले साल नवंबर में नए टेंडर प्रक्रिया शुरू की है। इसमें कृषि विभाग काम कर रहा है। इसमें सेब सहित उक्त फल के बीमा का पांच फीसदी किसान को देना होगा बाकि राशि सरकार देगी।
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वहीं, शोपियां से विधायक शब्बीर अहमद कुल्ले ने कहा कि हिमाचल में बागवानों को सरकार सब्सिडी पर नेट दिए जाते हैं, ताकि बागवान ओलावृष्टि से अपनी फल को बचा सकें। जम्मू-कश्मीर में भी सरकार को इस तरह की सुविधा बागवानों को देनी चाहिए, ताकि जो किसान फसल बीमा योजना में कवर न हो तो उन्हें सब्सिडी पर कम से कम नेट मिलें। इस पर मंत्री ने कहा कि इस पर विभाग के अधिकारियों के साथ मिल कार्य योजना बनाएंगे, ताकि हम भी ऐसा कुछ कर सके। बता दें की जम्मू, सांबा, रियासी, कठुआ और उधमपुर में आम होता है। इससे जम्मू संभाग के बागवानों को भी सुविधा मिलेगी।