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Jammu News: दिव्यांग प्रमाणपत्र हासिल करने में हो आसानी, मंत्री बोलीं-अनुकूल व्यवस्था पर होगा विचार
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डॉक्टरों का बोर्ड जारी करता है पेंशन के लिए दिव्यांगता प्रमाणपत्र
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। पेंशन के लिए दिव्यांगजन प्रमाणपत्र में अगर लोगों को परेशानी आ रही है या व्यवस्था लाभार्थियों के अनुकूल नहीं है तो सरकार इस पर विचार करेगी। हर तरह पेंशन के लिए सभी जरूरी प्रमाणपत्र की उपलब्धता आसानी से हो इसके लिए उनके अनुकूल व्यवस्था बनाएगी। विधानसभा में पेंशन से जुड़े एक प्रश्न का जवाब देते हुए समाज कल्याण विभाग की मंत्री सकीना इट्टू ने यह बातें कहीं।
मंत्री ने कहा कि 2019 से पहले दिव्यांगजन को पेंशन के लिए प्रमाणपत्र ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी देता था, लेकिन अब सरकार ने एक बोर्ड गठित किया है। इसमें तीन से चार डॉक्टर होते हैं, जो आवेदक की जांच के बाद उन्हें प्रमाणपत्र देते है। मंत्री के जवाब देने से पहले विधायक शमीम फीरदौस, तनवरी सादिक, नजीर अहम खान और मुबारक गुल ने पेंशन में देरी, आनलाइन आवेदन में परेशानी का मुद्दा उठाया था।
शमीम फिरदौस ने कहा कि पेंशनरों को छह से सात महीने बाद पेंशन मिल रही है। अगर समय पर पेंशन नहीं मिलेगी तो उसका कोई लाभ नहीं। मंत्री ने कहा कि सरकार इस पर गंभीरता से काम कर रही है। विधायक तनवीर सादिक ने कहा कि 2019 से विधायक जरूरतमंद पेंशनरों की पहचान करते थे। क्या मंत्री फिर से ऐसी व्यवस्था करेंगी। इस पर मंत्री ने कहा कि विधायक आज भी पहचान कर सकते है, लेकिन अब आनलाइन आवेदन होता है। एक भी दस्तावेज कम होने पर आवेदन रद्द कर दिया जाता है।
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विधायक लोगों की पहचान करने के साथ-साथ उनकी ऑनलाइन आवेदन में लोगों की मदद कर सकते हैं। विधायक मुबारक गुल ने सरकार से ईद से पहले-पहले तक सभी पेंशन धारकों की पेंशन जारी करने की मांग की। विधायक नजीर अहमद खान ने कहा कि प्रमाणपत्र बनवाने के लिए लोगों को हजारों रुपये का खर्च करना पड़ता है। सरकार को इस तरफ सोचना चाहिए इस व्यवस्था को लाभार्थियों के अनुकूल करना चाहिए।
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। पेंशन के लिए दिव्यांगजन प्रमाणपत्र में अगर लोगों को परेशानी आ रही है या व्यवस्था लाभार्थियों के अनुकूल नहीं है तो सरकार इस पर विचार करेगी। हर तरह पेंशन के लिए सभी जरूरी प्रमाणपत्र की उपलब्धता आसानी से हो इसके लिए उनके अनुकूल व्यवस्था बनाएगी। विधानसभा में पेंशन से जुड़े एक प्रश्न का जवाब देते हुए समाज कल्याण विभाग की मंत्री सकीना इट्टू ने यह बातें कहीं।
मंत्री ने कहा कि 2019 से पहले दिव्यांगजन को पेंशन के लिए प्रमाणपत्र ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी देता था, लेकिन अब सरकार ने एक बोर्ड गठित किया है। इसमें तीन से चार डॉक्टर होते हैं, जो आवेदक की जांच के बाद उन्हें प्रमाणपत्र देते है। मंत्री के जवाब देने से पहले विधायक शमीम फीरदौस, तनवरी सादिक, नजीर अहम खान और मुबारक गुल ने पेंशन में देरी, आनलाइन आवेदन में परेशानी का मुद्दा उठाया था।
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शमीम फिरदौस ने कहा कि पेंशनरों को छह से सात महीने बाद पेंशन मिल रही है। अगर समय पर पेंशन नहीं मिलेगी तो उसका कोई लाभ नहीं। मंत्री ने कहा कि सरकार इस पर गंभीरता से काम कर रही है। विधायक तनवीर सादिक ने कहा कि 2019 से विधायक जरूरतमंद पेंशनरों की पहचान करते थे। क्या मंत्री फिर से ऐसी व्यवस्था करेंगी। इस पर मंत्री ने कहा कि विधायक आज भी पहचान कर सकते है, लेकिन अब आनलाइन आवेदन होता है। एक भी दस्तावेज कम होने पर आवेदन रद्द कर दिया जाता है।
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विधायक लोगों की पहचान करने के साथ-साथ उनकी ऑनलाइन आवेदन में लोगों की मदद कर सकते हैं। विधायक मुबारक गुल ने सरकार से ईद से पहले-पहले तक सभी पेंशन धारकों की पेंशन जारी करने की मांग की। विधायक नजीर अहमद खान ने कहा कि प्रमाणपत्र बनवाने के लिए लोगों को हजारों रुपये का खर्च करना पड़ता है। सरकार को इस तरफ सोचना चाहिए इस व्यवस्था को लाभार्थियों के अनुकूल करना चाहिए।