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जम्मू: कश्मीर में सेना की निगरानी होगी और मजबूत, चार किमी दूर इंसान तो आठ किमी तक वाहन दिखाएगा थर्मल उपकरण
Fri, 02 Oct 2026 03:12 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अरुण कुमार, अमर उजाला, जम्मू
अरुण कुमार, अमर उजाला, जम्मू
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 02 Oct 2026 03:12 AM IST
सार
सेना श्रीनगर के लिए 40 थर्मल इमेजिंग ऑब्जर्वेशन उपकरण खरीद रही है। इन उपकरणों की खासियत यह होगी कि चार किलोमीटर तक दूर इंसान और आठ किलोमीटर तक वाहन या टैंक की मौजूदगी का पता चलेगा जो कश्मीर के कठिन और चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों में उपयोगी साबित होगा।
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सांकेतिक चित्र
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
घना अंधेरा हो या खराब मौसम के कारण कम दृश्यता सेना का निगरानी तंत्र कमजोर नहीं होगा बल्कि तकनीक की मदद पहले से अधिक मजबूत होगा। दूर मौजूद लक्ष्य की पहचान गर्मी के संकेतों से होगी। इसके लिए सेना श्रीनगर के लिए 40 थर्मल इमेजिंग ऑब्जर्वेशन उपकरण खरीद रही है।
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लगभग 38 करोड़ रुपये की लागत वाले इन उपकरणों की खासियत यह होगी कि चार किलोमीटर तक दूर इंसान और आठ किलोमीटर तक वाहन या टैंक की मौजूदगी का पता चलेगा जो कश्मीर के कठिन और चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों में उपयोगी साबित होगा।
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थर्मल इमेजिंग ऑब्जर्वेशन उपकरण को कश्मीर जैसे कठिन मौसम वाले क्षेत्र में इस्तेमाल के लिहाज से तैयार किया गया है। ये -30 से 55 डिग्री सेल्सियस तापमान में भी काम कर सकेगा। उपकरण का वजन ट्राइपॉड समेत अधिकतम 25 किलो होगा। लेजर रेंज फाइंडर के साथ इसमें लक्ष्य की दिशा और दूरी से संबंधित जानकारी जुटाने की क्षमता होगी।
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दुर्गम और ठंडे इलाकों में निगरानी के लिहाज से उपकरण अलग-अलग तापमान में काम करने योग्य होगा। थर्मल इमेजिंग प्रणाली को इस तरह तैयार किया गया है कि यह दूर मौजूद लक्ष्यों की निगरानी में मदद कर सके। इसकी मदद से इंसान की पहचान दो किलोमीटर दूर से हो सकेगी। इसी तरह वाहन या टैंक की पहचान पांच किलोमीटर दूर तक होगी। उपकरण में कम से कम छह गुना आवर्धन क्षमता भी होगी।
20 किमी तक लक्ष्य की दूरी का पता
निगरानी के दौरान लक्ष्य कितनी दूरी पर है, इसका सटीक आकलन करने के लिए इसमें लेजर रेंज फाइंडर लगाया जाएगा। यह 80 मीटर से लेकर 20 किलोमीटर तक की दूरी माप सकेगा। इसके साथ दिशा पता लगाने की सटीकता एक मिल निर्धारित की गई है। इससे लक्ष्य की स्थिति और दिशा से संबंधित जानकारी को सटीक तरीके से दर्ज किया जा सकेगा।
गैर-चीनी उपकरण पर सेना का जोर
थर्मल उपकरण गैर-चीनी होंगे। इसके लिए आपूर्तिकर्ता को बाकायदा प्रमाण देना होगा। इसके साथ ही उपकरण में किसी तरह के हानिकारक या गुप्त कोड की मौजूदगी नहीं होने का प्रमाण भी देना होगा। यानी खरीद में उपकरण की क्षमता के साथ उसकी विश्वसनीयता और स्रोत भी महत्वपूर्ण होगा।