फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   jammu and kasmir DGP Dilbag Singh says April month was very good for security forces and May was better In first 15 days of of June 27 militants killed

सुरक्षाबलों के लिए अप्रैल बहुत अच्छा था, जून में भी पहले 15 दिनों में 27 आतंकी मारे: दिलबाग सिंह

Mon, 15 Jun 2020 07:28 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: शाहरुख खान Updated Mon, 15 Jun 2020 07:28 PM IST
विज्ञापन
jammu and kasmir DGP Dilbag Singh says April month was very good for security forces and May was better In first 15 days of of June 27 militants killed
पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह - फोटो : बासित जरगर
डोडा और किश्तवाड़ जिले में अभी चार आतंकी सक्रिय हैं। इनमें से एक आतंकी डोडा जिले में और तीन आतंकी किश्तवाड़ में सक्रिय हैं। यह बात सोमवार को डोडा के दौरे पर पहुंचे जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीजी दिलबाग सिंह ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही। 
विज्ञापन


डीजीपी ने कहा कि कश्मीर में इस वर्ष अप्रैल के महीने में सेना और सुरक्षा बलों द्वारा आतंकियों की धरपकड़ के लिए 11 अभियान चलाए गए, जिसमें 30 आतंकियों को मार गिराया गया। वहीं मई और जून के पहले 2 हफ्ते में 27 आतंकियों को सुरक्षाबलों ने मार गिराया यह ऑपरेशन आगे भी इसी तरह जारी रहेंगे। 
विज्ञापन


कश्मीरी महिला सरपंच के वायरल वीडियो के बारे में उन्होंने कहा कि महिला सरपंच को धमकाने वाले आतंकियों की पहचान करने में पुलिस तेजी से जुटी है। उनका पता लगाकर इन नापाक इरादों को नाकाम किया जाएगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन


पुलिस इस वीडियो की भी जांच कर रही है। जांच में पता चला है कि महिला भोमिया सोपुर के एक गांव की रहने वाली है और उसके पति भी सरपंच हैं । आतंकी कश्मीर में बेगुनाह लोगों को अपना निशाना बना रहे हैं अभी हाल ही में एक नौजवान को यह कह कर मारा गया कि वह सुरक्षा बलों का खबरी है, वहीं सरपंच अजय पंडिता को यह कहकर मार दिया गया कि वह सरकार के लिए काम करता है। 

यही आतंकियों के नापाक इरादे हैं। सरपंचों की सुरक्षा को लेकर उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था पहले से बेहतर है। किसी को सुरक्षा देने या नहीं देने का फैसला एक कमेटी करती है। किसी विशेष व्यक्ति को सुरक्षा देने का फैसला भी वही करेगी। 

पाकिस्तानी गोलाबारी का उद्देश्य घुसपैठ कराना
नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तान की ओर से बढ़ी सीजफायर उल्लंघन की घटनाओं पर डीजीपी ने कहा कि इसका उद्देश्य आतंकियों की घुसपैठ कराना होता है। हमारे जवान इस प्रकार की किसी भी घटना को रोकने और उसका माकूल जवाब देने के लिए सक्षम हैं। 

पाकिस्तान की कोशिश है कि कश्मीर घाटी में आतंकियों की घटती संख्या को बढ़ाया जाए। बार्डर पर तैनात हमारे जवान ऐसी हर साजिश को विफल करते रहते हैं। जैसे हाल में राजोरी में तीन घुसपैठिए मारे गए। केरन में पांच आतंकी मारे गए।

 

आतंकियों के पास हथियारों की कमी

पठानकोट में पकड़े गए हथियारों के बारे में उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की कोशिश रहती है कि वह घाटी में आतंकियों तक बड़े हथियार पहुंचा सके। अभी जितने भी आतंकी मारे गए उनमें से अधिकतर के पास पिस्तौल या ग्रेनेड ही बरामद हुए हैं उससे यह लग रहा है कि आतंकियों के पास बड़े हथियारों की कमी है। 

अभी पंजाब के बॉर्डर का इस्तेमाल पाकिस्तान हथियार भेजने के लिए ज्यादा कर रहा है। पंजाब पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां अपना काम बखूबी कर रही हैं और हम भी अपने सुरक्षा ग्रिड को मजबूत कर रहे हैं।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed