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जम्मू-कश्मीर: वैदिक मंत्रों के साथ श्री बूढ़ा अमरनाथ जी की पवित्र छड़ी का पूजन
Thu, 19 Aug 2021 11:28 PM IST
करिश्मा चिब
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: करिश्मा चिब
Updated Thu, 19 Aug 2021 11:28 PM IST
सार
स्वामी विश्वात्मा नंद का कहना है महामारी के चलते यात्रा केवल सांकेतिक एवं परंपरा का निर्वाह करने तक सीमित।
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छड़ी पूजा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
नगर स्थित प्राचीन दशनामी अखाड़ा मंदिर में वीरवार को श्री बूढ़ा अमरनाथ जी की छड़ी मुबारक का वैदिक मंत्रों के साथ जिला प्रशासन, पुलिस, शिव भक्तों एवं साधुओं की उपस्थिति में महंत योगीराज 1008 स्वामी विश्वात्मा नंद सरस्वती की अगुवाई में पूजन किया गया। पूजा के बाद पवित्र छड़ी मुबारक को मंदिर सभागार में आम लोगों के दर्शन के लिए लाया गया।
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अब यह पवित्र छड़ी मुबारक शुक्रवार तड़के स्वामी विश्वात्मा नंद सरस्वती और सीमित मात्रा में साधू संतों के साथ कड़ी सुरक्षा के बीच नगर से 22 किलोमीटर दूर महाऋषि पुलस्त की तप स्थली एवं भगवान शंकर के पावन धाम श्री बूढ़ा अमरनाथ मंदिर में ले जाई जाएगी। यहां पर पूजन के उपरांत भगवान शंकर और देवी पार्वती के स्वरूप पवित्र चांदी की छड़ी को अगले तीन दिनों तक मंदिर में स्थित स्वयंभू शिवलिंग पर स्थापित कर दिया जाएगा।
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श्री दशनामी अखाड़ा मंदिर में उपस्थित सभी समुदायों के गणमान्य लोगों एवं शिव भक्तों को संबोधित करते हुए स्वामी विश्वात्मा नंद सरस्वती ने कहा कि इस बार भी कोरोना महामारी के चलते पवित्र छड़ी मुबारक यात्रा केवल सांकेतिक एवं परंपरा का निर्वाह करने तक ही सीमित रहेगी।
छड़ी यात्रा में केवल साधू संतों को ही भाग लेने की अनुमति होगी। अन्य शिव भक्तों से आग्रह है कि वह अगले तीन दिनों तक मंदिर में बारी-बारी से पहुंचकर कोविड एसओपी का पालन करते हुए दर्शन पूजन करें।