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जम्मू-कश्मीर: प्रदेश पुलिस के आरोपों पर वहीद पारा ने किया हाईकोर्ट का रुख

Mon, 23 Aug 2021 12:12 AM IST
करिश्मा चिब न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: करिश्मा चिब Updated Mon, 23 Aug 2021 12:12 AM IST
सार

दोनों एजेंसियों पर एक ही तरह के आरोपों की अलग-अलग जांच का आरोप।

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Jammu and Kashmir: Waheed Para moved the High Court on the allegations of the state police
हाईकोर्ट।

विस्तार

पीडीपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के निकट सहयोगी रहे वहीद उर रहमान पारा ने जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने की मांग को लेकर जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट का रुख किया है। उन्होंने संविधान के तहत मौलिक अधिकारों की रक्षा और एनआईए द्वारा इसी तरह के आरोपों की जांच को लेकर अदालत का रुख किया है।

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पारा के वकील शारिक रियाज ने याचिका में कहा है कि उनके मुवक्किल के खिलाफ राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और जम्मू-कश्मीर पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस (कश्मीर) शाखा एक ही तरह के आरोपों की अलग-अलग जांच कर रही है, जो आपराधिक प्रक्रिया संहिता के तहत नियमों का उल्लंघन है। न्यायमूर्ति विनोद चटर्जी कौल ने पिछले महीने एक अदालत द्वारा तय आरोपों को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के बाद काउंटर इंटेलिजेंस (कश्मीर) या सीआईके को नोटिस जारी कर एक महीने के अंदर जवाब मांगा था।
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रियाज ने याचिका में दोनों प्राथमिकियों की तुलना की थी और दो जांच एजेंसियों द्वारा एक ही तरह के अपराध की अलग-अलग जांच की समरूपता के बारे में बताया था। वकील ने यह भी कहा कि सीआईके द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी द्वेषपूर्ण कार्रवाई है ताकि याचिकाकर्ता को गैरकानूनी रूप से हिरासत में लेकर जबरदस्ती मनमाफिक कार्रवाई की जा सके।
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अभियोजन की मंजूरी को भी चुनौती
रियाज ने अभियोजन की मंजूरी को भी चुनौती दी, जोकि जम्मू-कश्मीर के गृह सचिव द्वारा दी गई यूएपीए के तहत एक अनिवार्य आवश्यकता है। वकील ने कहा कि जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम 2018 के तहत कानून और व्यवस्था केंद्र और संबंधित अधिकारी का विषय है। स्थानीय स्तर पर ऐसा कोई आदेश जारी करने के लिए प्रदेश स्तर पर सक्षम नहीं है। निश्चित रूप से वर्तमान मामले में अभियोजन की मंजूरी केंद्र सरकार द्वारा प्रशासक के माध्यम से नहीं बल्कि जम्मू-कश्मीर सरकार द्वारा अपने प्रधान सचिव (गृह) के माध्यम से काम कर रही है ।

पारा पर गंभीर आरोप
पारा के खिलाफ दाखिल आरोप पत्र में उस पर देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने, राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए आतंकियों की मदद लेने और उनकी मदद करने के गंभीर आरोप हैं।

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