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Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   jammu and kashmir State Investigating Agency (SIA) raids in Bathindi of Jammu in terror funding case

जम्मू-कश्मीर: टेरर फंडिंग मामले में राज्य जांच एजेंसी की बठिंडी इलाके में छापेमारी

Wed, 21 Sep 2022 12:03 PM IST
शाहरुख खान एएनआई, जम्मू-कश्मीर
एएनआई, जम्मू-कश्मीर Published by: शाहरुख खान Updated Wed, 21 Sep 2022 12:03 PM IST
सार

राज्य जांच एजेंसी (SIA) ने जम्मू के बठिंडी इलाके में छापेमारी की है। बताया जा रहा है कि टेरर फंडिंग मामले में यह कार्रवाई की जा रही है।

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jammu and kashmir State Investigating Agency (SIA) raids in Bathindi of Jammu in terror funding case
बठिंडी इलाके में जांच जारी - फोटो : एएनआई

विस्तार

टेरर फंडिंग मामले में राज्य जांच एजेंसी (SIA) ने जम्मू के बठिंडी इलाके में छापेमारी की है। बताया जा रहा है कि अबू बकर के आवास पर जांच जारी है। वह डोडा का रहने वाला है, जो अभी बठिंडी में रह रहा है। फिलहाल कार्रवाई चल रही है। 
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घाटी के 4 जिलों में जमात के स्कूलों और कार्यलयों में एसआईए की दबिश

इससे पहले मंगलवार को एसआईए ने कश्मीर घाटी में जमात-ए इस्लामी (जेईआई) और उसके सहयोगियों के खिलाफ दर्ज मामले में चार जिलों में छापा मारा। इस दौरान लैपटॉप, रोकड़ बही, चेक बुक, भूमि के दस्तावेजों सहित आपत्तिजनक सामग्री जब्त की गई। ये कार्रवाई फलाह-ए आम (एफएटी) ट्रस्ट से संबद्ध जमात के स्कूलों व कार्यालयों में की गई। आरोपियों के खिलाफ श्रीनगर की विशेष टाडा कोर्ट से तलाशी वारंट जारी किए गए थे। 

एक अधिकारी ने बताया कि एसआईए की टीमों ने सोपोर के सलामत आबाद, नौगाम चौक श्रीनगर, अनंतनाग बस स्टैंड के पास और मुख्य बाजार कुलगाम में स्थित एफएटी कार्यालयों में छापेमारी की। जेईआई पर प्रतिबंध से पहले की अर्ध न्यायिक कार्यवाही के दौरान सबूत सामने आए थे कि इसके अलगाववादी एजेंडे को प्रचारित करने के प्रमुख तरीकों में से एक समानांतर स्कूल प्रणाली पर नियंत्रण बनाए रखना था। इसके अलावा सरकारी या सामुदायिक भूमि पर अतिक्रमण कर संपत्तियां बनाई गईं। इस तरह के अतिक्रमणों को नियमित करने के लिए हिजबुल मुजाहिदीन के साथ अपने संबंधों का उपयोग किया गया। यह जांच का विषय है कि इन स्कूलों के प्रबंधन और शिक्षण संकाय में जमात के कितने सदस्य हैं। 

30 साल में कई स्कूल में लगाई आग

एसआईए के एक अधिकारी ने बताया कि इस बात की भी जांच की जा रही है कि ट्रस्ट के प्रबंधन के कितने सदस्य जमात-ए इस्लामी के पूर्व पदाधिकारी रहे हैं। जांच का जनहित पहलू इस तथ्य में निहित है कि 30 साल तक अलगाववादी और आतंकवादी अभियान के कई चरणों में हिजबुल मुजाहिदीन ने घाटी में कई सरकारी स्कूलों को जला दिया।
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