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जम्मू-कश्मीर: रेत प्रति ट्राली 2500, पत्थर 3500 और बजरी 4 हजार रुपये, कैसे बनाएं घर

Fri, 04 Jun 2021 06:31 PM IST
करिश्मा चिब न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: करिश्मा चिब Updated Fri, 04 Jun 2021 06:31 PM IST
सार

सरकारी दम तय होने के बावजूद महंगी मिल रही खनन सामग्री, पांच साल में दो से तीन गुना बढ़ गए दाम। दुकानदारों को डंपिंग स्थलों से उठाना पड़ रहा माल, इसलिए भी बढ़े दाम। 
 

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Jammu and Kashmir: sand 2500 per trolley, stone 3500 and gravel 4 thousand rupees, how to build a house
sand and gravel

विस्तार

जम्मू जिला प्रशासन ने तवी और नालों से खनन सामग्री उठाने के दाम बेशक तय कर दिए हैं, लेकिन अब तक तय दाम के तहत लोगों को रेत, बजरी और पत्थर नहीं मिल रहा। उल्टा दाम पहले से ज्यादा देने पड़ रहे हैं। निर्माण सामग्री का काम करने वालों को खनन स्थलों की जगह अब भी डंपिंग स्थलों से सामग्री उठानी पड़ रही है, जिसके चलते दाम बढ़े हैं।
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जानकारी के अनुसार डपिंग स्थलों पर रेत प्रति ट्राली 2500 रुपये, पत्थर 3500 रुपये और बजरी 4 हजार रुपये प्रति ट्राली मिल रही है, जबकि पांच साल पहले रेत 800 रुपये, पत्थर 1600 रुपये और बजरी भी 1600 रुपये थी। हालांकि ईंट के दाम जरूर कम हुए हैं। पिछले लाकडाउन में ईंट की कीमत 9 हजार प्रति एक हजार तक पहुंच गई थी, लेकिन इस बार ईंट की कीमतें 6500 से 7000 के पास हैं।
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निर्माण सामग्री का काम करने वाले नंद किशोर ने बताया कि पहले तवी से माल उठाते थे। इसके बदले रायल्टी देते थे, लेकिन जबसे हाईकोर्ट ने प्रतिबंध लगाया हुआ है। तब से डंपिंग स्थलों से सामान उठाकर लोगों तक पहुंचाते हैं। उन्हें भी माल महंगा मिल रहा है तो आगे कैसे सस्ता दे दें। अब प्रशासन ने दाम तय किए हैं, लेकिन अभी तवी सेे माल उठाने की अनुमति नहीं मिल रही।
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जैसे ही अनुमति मिलेगी तो कम से कम एक हजार रुपये प्रति ट्राली अंतर आएगा। फिलहाल डंपर से सामान ले रहे हैं, जिसके चलते सामान महंगा है। घर का काम करवाने वाले रमेश लाल का कहना है कि निर्माण सामग्री इतनी महंगी है कि एक कमरा तक बनाना मुश्किल हो गया है। जब तक दाम नहीं घटते, तब तक के लिए काम बंद कर दिया गया है।.
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