{"_id":"5bf02d94bdec22696720ec93","slug":"jammu-and-kashmir-police-deputes-cops-for-ied-disposal-training-at-tnc-school","type":"story","status":"publish","title_hn":"आईईडी निरोधक प्रशिक्षण के लिए तमिलनाडु भेजे गए जम्मू-कश्मीर पुलिस के जवान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आईईडी निरोधक प्रशिक्षण के लिए तमिलनाडु भेजे गए जम्मू-कश्मीर पुलिस के जवान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Updated Sat, 17 Nov 2018 08:32 PM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू कश्मीर पुलिस ने तमिलनाडु के कमांडो स्कूल में आईईडी निरोधक प्रशिक्षण के लिए अपने 14 पुलिसकर्मियों की टीम भेजी है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को बताया कि चार महीने चलने वाला यह प्रशिक्षण आठ दिसंबर को पूरा होगा। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के लिए भेजी गई टीम में दो हेड कांस्टेबल, पांच विशेष ग्रेड कांस्टेबल और सात कांस्टेबल शामिल हैं।
केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के महानिदेशक राजीव राय भटनागर ने पूर्व में कहा था, 'जम्मू कश्मीर में आईईडी की फिर वापसी हो गई है। आईईडी नया खतरा हैं। पिछले साल आईईडी से संबंधित बहुत कम घटनाएं हुई थीं, लेकिन अब इनकी फिर से वापसी हो गई है।'
इस साल अब तक कश्मीर में आईईडी संबंधी 14 घटनाएं हो चुकी हैं। इसके अलावा सात मामलों में आईईडी का पता लगा लिया गया था। इस वर्ष छह जनवरी को सोपोर के एक बाजार में आतंकवादियों द्वारा किए गए एक आईईडी विस्फोट में गश्त पर निकले चार पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे। साल 2015 के बाद कश्मीर में यह पहला बड़ा आईईडी हमला था।
विज्ञापन
विज्ञापन
केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के महानिदेशक राजीव राय भटनागर ने पूर्व में कहा था, 'जम्मू कश्मीर में आईईडी की फिर वापसी हो गई है। आईईडी नया खतरा हैं। पिछले साल आईईडी से संबंधित बहुत कम घटनाएं हुई थीं, लेकिन अब इनकी फिर से वापसी हो गई है।'
विज्ञापन
इस साल अब तक कश्मीर में आईईडी संबंधी 14 घटनाएं हो चुकी हैं। इसके अलावा सात मामलों में आईईडी का पता लगा लिया गया था। इस वर्ष छह जनवरी को सोपोर के एक बाजार में आतंकवादियों द्वारा किए गए एक आईईडी विस्फोट में गश्त पर निकले चार पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे। साल 2015 के बाद कश्मीर में यह पहला बड़ा आईईडी हमला था।
विज्ञापन