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जम्मू-कश्मीर: संसदीय समिति ने टटोली प्रदेश के बिजली ढांचे की नब्ज, बिजली विभाग के साथ की बैठक

Fri, 27 Aug 2021 03:54 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: प्रशांत कुमार Updated Fri, 27 Aug 2021 03:54 PM IST
सार

जेकेपीडीसीएल की बैठक में प्रदेश में बिजली सप्लाई के ढांचे की जानकारी भी दी गई। बताया गया कि छोटे बड़े 30 प्रोजैक्ट पर काम चल रहा है। जिसमें 18 प्रांजेक्ट पूरे हो चुके हैं और बाकी के इस साल खत्म हो जाएंगे। समिति ने पूरे बिजली ढांचे का आंकलन कर रिपोर्ट बनाई है। केंद्र से इसे लेकर विशेष ग्रांट भी जारी करने का आश्वासन समिति ने दिया है।

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Jammu and Kashmir Parliamentary committee reviews pulse of state's power infrastructure meeting with electricity department
सांकेतिक तस्वीर, बिजली - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जम्मू-कश्मीर में बिजली परियोजनाओं की समीक्षा करने आई संसदीय समिति वीरवार को वापस लौट गई। तीन दिन के दौरे के दौरान समिति ने तीन बैठकें की। इसमें एनपीएचसी, जेकेपीडीसीएल और बिजली विभाग के अधिकारियों से बात हुई। तीनों की ओर से प्रदेश में चलाई जाने वाली परियोजनाओं और अगले पांच साल तक चलने वाले बिजली प्रोजेक्ट का आंकलन किया गया। 

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23 सदस्यों वाली समिति के अध्यक्ष राजीव रंजन ने अन्य सदस्यों के साथ बिजली ढांचे का ब्यौरा लिया। तीनों बैठकों में बताया गया कि प्रदेश में बिजली कि कितने प्रोजेक्ट चल रहे हैं। प्रदेश में बिजली की पैदावार और वर्तमान स्थिति का आंकलन किया गया। विभागों ने जानकारी दी कि पिछले तीन साल में बिजली के कई बड़े प्रोजक्ट पूरे किए गए हैं, तो पिछले 70 साल से लटक रहे थे।
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यह भी बताया गया कि अगले पांच साल में प्रदेश में 3 हजार एमवीए बिजली की कमी पूरी होगी। आगामी परियोजनाओं में बिजली के ढांचे में आत्मनिर्भर बनने के लिए किए जाने वाले प्रयासों का भी आंकलन किया गया है। जानकारी के अनुसार समिति ने पहली बैठक एनएचपीसी के साथ की। एनएचपीसी प्रदेश में सलाल, उड़ी जैसे प्रोजेक्ट चला रही है। जबकि दस अन्य प्रोजेक्ट पर भी काम कर रही है। एनएचपीसी प्रदेश में बिजली पैदावार का 50 फीसदी प्रदेश में देती है और इतना ही बाहर के राज्यों में।

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