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Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Jammu and Kashmir Nine scientific officers of eight departments will soon be appointed in Forensic Science Laboratory

जम्मू-कश्मीर: फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी में जल्द नियुक्त होंगे आठ विभागों के नौ वैज्ञानिक अफसर

Sat, 10 Jul 2021 10:15 AM IST
प्रशांत कुमार अजय मीनिया, जम्मू
अजय मीनिया, जम्मू Published by: प्रशांत कुमार Updated Sat, 10 Jul 2021 10:15 AM IST
सार

नियुक्ति की प्रक्रिया 12 जुलाई को शुरू होगी। दो महीने बाद नियुक्त होंगे अफसर।

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Jammu and Kashmir Nine scientific officers of eight departments will soon be appointed in Forensic Science Laboratory
सांकेतिक तस्वीर

विस्तार

फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) में वैज्ञानिक अफसरों का सूखा खत्म होने जा रहा है। विशेषज्ञों की कमी से जूझने वाले एफएसएल में एक साथ आठ विभागों में नौ वैज्ञानिक अफसरों की तैनाती होगी। इसी महीने प्रक्रिया शुरू होगी और संभव है कि दो महीनों तक एफएसएल के पास विशेषज्ञों की टीम पूरी हो जाएगी। 

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फिलहाल मौजूदा समय में एफएसएल के पास जम्मू में डाक्यूमेंट को छोड़कर कोई विशेषज्ञ नहीं। जबकि कश्मीर में भी एक दो विभाग ही हैं, जिनमें विशेषज्ञ मौजूद हैं। जम्मू-कश्मीर पब्लिक सर्विस कमीशन इन आठ वैज्ञानिक अफसरों की नियुक्ति करेगा। गृह विभाग ने मार्च 2021 में इन नियुक्तियों को मंजूरी दी थी और मामला कमीशन को रेफर कर दिया। अब इसे लेकर कमीशन ने नियुक्ति के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। 12 जुलाई को कमीशन की बेवसाइट पर आवेदन उपलब्ध हो जाएंगे। इसके बाद 11 अगस्त तक आवेदन लिए जाएंगे। इसके बाद लिखित परीक्षा और इंटरव्यू का तारीख बताई जाएगी। संभवता अगस्त के अंत तक यह नियुक्तियां हो जाएंगी। कमीशन के सचिव आरएस कटोच की ओर से इसे लेकर आदेश भी जारी कर दिया गया है। 
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इन विभागों में होंगी नियुक्तियां
नारकोटिक्स, केमिस्ट्री टॉक्सीकोलॉजी, डीएनए, बायोलॉजी एवं सीरोलॉजी, फिजिक्स, बैलिस्टिक, डाक्यूमेंट और साइबर फॉरेंसिक विभाग में वैज्ञानिक अफसर के पद पर नियुक्ति होगी। इनमें से केमेस्ट्री टाक्सीकालोजी विभाग में दो अफसर होंगे, जबकि बाकी सभी विभागों में प्रत्येक में एक विशेषज्ञ होगा। 
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सभी मामले बाहर करने पड़ते हैं रेफर
एफएसएल में विशेषज्ञों की कमी के कारण विभाग अपराधों और भ्रष्टाचार संबंधित मामलों के सैंपल व दस्तावेज दूसरे राज्यों की एफएसएल लैब में भेजे जाते हैं। खासकर बैलस्टिक, साइबर साइंस और डीएनए के सैंपल। लगभग हर साल इन सभी विभागों को मिलाकर एफएसएल के पास एक हजार से ज्यादा केस आते हैं, जिनको बाहर भेजना पड़ता है।

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