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जम्मू-कश्मीरः जैश ने आईईडी हमलों के लिए बनाया नया संगठन, दो आतंकियों समेत छह दबोचे
Sun, 31 Jan 2021 12:38 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 31 Jan 2021 12:38 AM IST
सार
- 2 ग्रेनेड, एक किलो विस्फोटक और एके-47 के कारतूस बरामद
- सुरक्षा बलों के शिविरों, आवाजाही के रूटों की कर रहे थे रेकी
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : social media
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विस्तार
कश्मीर घाटी में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद की नए नाम से तंजीम बनाकर आईईडी हमलों की साजिश का पर्दाफाश हुआ है। सुरक्षा बलों ने जैश-ए-मुस्तफा नाम के नए संगठन के दो आतंकी और उनके चार मददगारों को गिरफ्तार किया है। दक्षिणी कश्मीर के अनंतनाग जिले में ध्वस्त किए गए इस नए मॉड्यूल में शामिल आतंकी सुरक्षा बलों के ठिकानों और रूट की रेकी कर रहे थे। आतंकियों से दो ग्रेनेड, एक किलो विस्फोटक सामग्री और एके-47 के 30 कारतूस बरामद हुए हैं।
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पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि जैश के नए संगठन लश्कर-ए-मुस्तफा के आतंकी अनंतनाग और बिजबिहाड़ा में आतंकी हमलों को अंजाम देना चाहते थे। इसका इनपुट मिलते ही अनंतनाग पुलिस और सेना की 3 राष्ट्रीय राइफल्स ने इलाके में जगह-जगह नाके और एमवीसीपी (मोबाइल व्हीकल चेक पोस्ट) लगाए। अधिकारी ने बताया कि इस दौरान डूनिपोरा बिजबिहाड़ा में एक नाके पर एक ऑल्टो कार को रुकने के लिए इशारा किया गया, लेकिन कार चालक ने कार भगाने की कोशिश की।
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इसी बीच सेना और पुलिस ने कार को घेर दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया। इनकी पहचान नाथपोरा खन्नाबल के इमरान अहमद हजाम और नंदपुरा खन्नाबल के इरफान अहमद अहंगार के रूप में हुई है। पूछताछ के बाद इनके चार मददगारों को भी पकड़ा गया। उनकी शिनाख्त शोपियां के बिलाल अहमद कुमार, पुश्वारा अनंतनाग के तौसीफ अहमद लावे, मुनिवरद अनंतनाग के मुजम्मिल अहमद वानी और खादीपोरा हारनाग के आदिल राथर के रूप में हुई है। यह सभी जैश के लिए ओजीडब्ल्यू के तौर पर काम कर रहे थे।
कश्मीर का स्थानीय संगठन दर्शाने के लिए बदला नाम
आतंकियों ने पूछताछ में बताया कि वह हाल ही में जैश-ए-मुस्तफा में शामिल हुए हैं। वह संगठन के चीफ हिदायत मलिक उर्फ हसनैन के साथ-साथ उमर और आफताब उर्फ अली भाई के करीबी हैं।उन्हें सुरक्षा बलों की रेकी कर आईईडी लगाने का जिम्मा दिया गया था। एक अधिकारी ने बताया कि जैश-ए-मोहम्मद को जैश-ए-मुस्तफा के नाम से संचालित करने के पीछे जैश को स्थानीय संगठन के रूप में स्थापित करने का मकसद है। आतंकियों ने पूछताछ में इसका खुलासा किया है।