जम्मू-कश्मीर : अब कठुआ में आईबी के पास दिखा ड्रोन, डीजीपी ने कहा- पाकिस्तान की साजिश
- सेना ने इसे मार गिराने के लिए घेराबंदी भी की, लेकिन ऊंचाई और अंधेरे का फायदा उठाते हुए ड्रोननुमा चीज सीमा की ओर वापस लौट गई
- इस बीच डीजीपी दिलबाग सिहं ने कहा है कि पाकिस्तान और आतंकी संगठन ड्रोन के जरिए नई साजिश रच रहे हैं
- कहा, अभी तक 17 बार ड्रोन के जरिए हथियार और आईईडी भेजने का किया गया प्रयास
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विस्तार
अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित गांव बनियाडी में सोमवार को सेना के कैंप के नजदीक ड्रोन जैसी चीज की गतिविधि देखे जाने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सेना के कुछ जवानों ने आकाश में ड्रोन जैसी चीज उड़ती देखी, जिसमें लाल रंग की लाइट जल रही थी। सेना ने इसे मार गिराने के लिए घेराबंदी भी की, लेकिन ऊंचाई और अंधेरे का फायदा उठाते हुए ड्रोननुमा चीज सीमा की ओर वापस लौट गई। मालूम हो कि रविवार को सांबा जिले के बाड़ी ब्राह्मणा में रात 9 से 10 बजे के बीच चार ड्रोन नजर आए थे।
इस बीच जम्मू-कश्मीर पुलिस के महानिदेशक दिलबाग सिंह ने किश्तवाड़ दौरे के दौरान सोमवार को मीडिया कर्मियों से बातचीत के दौरान कहा कि पाकिस्तान और उसके समर्थक आतंकी संगठन ड्रोन के जरिए हमले और हथियार -आईईडी के साथ नशीली वस्तुओं की सप्लाई कर विध्वंस फैलाने की नई साजिश रच रहे हैं। पुलिस इस साजिश को जल्द पूरी तरह से विफल कर देगी। इस पर लगातार काम हो रहा है। अभी तक पुलिस हथियार, आईईडी और नशीली वस्तुओं को लाने वाले 17 ड्रोन का पता लगा चुकी है। कुछ को नष्ट भी किया है।
बादल फटने से लगभग पूरी तरह तबाह हो चुके किश्तवाड़ जिले के होंजड़ गांव का हवाई दौरा करने के बाद दिलबाग सिंह ने मीडिया को बताया कि गांव में बचाव कार्य लगातार जारी है। लापता लोगों का पता लगाने के लिए कड़ी मशक्कत की जा रही है। प्रशासन की तरफ से राहत राशि और जरूरत का हर सामान उपब्ध करवाया जा रहा है। गांव तक वाहन न पहुंचने के कारण ही बचाव कार्य के लिए बड़ी मशीनरी का इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं। हालांकि छोटी मशीनरी को गांव तक पहुंचा दिया गया है। लापता 19 लोगों के बारे में उन्होंने कहा कि हो सकता है कि कुछ बह गए होंगे या कुछ अभी भी मलबे में दबे हों।
जम्मू-कश्मीर में पत्थरबाजी और विध्वंसक गतिविधियों में शामिल लोगों को सरकारी नौकरी और पासपोर्ट पर सिक्योरिटी क्लीयरेंस पर रोक लगाने के आदेश पर उन्होंने कहा कि अभी आदेश की कापी को पूरी तरह से पढ़ा नहीं है। इसलिए इसको लेकर कुछ कह नहीं सकते हैं। लेकिन एक बात है कि कश्मीर में अब पत्थरबाजी लगभग समाप्त हो चुकी है।
सुरक्षा व्यवस्था की लगातार हो रही समीक्षा
जम्मू-कश्मीर में ड्रोन के जरिए पाकिस्तान और आतंकी संगठन नई साजिश रच रहे हैं। पिछले कुछ सप्ताह से ड्रोन के जरिए नकदी, नशीली वस्तुएं, हथियार, आईईडी पाकिस्तान से प्रदेश तक लाने की कोशिश की जा रही है। इसी के जरिए जम्मू एयरफोर्स स्टेशन को भी नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया। इसमें शामिल लोगों की पहचान कर ली गई है। एनआईए इस पर लगातार काम कर रही है। इन हमलों को रोकने के लिए लगातार सुरक्षा व्यवस्था पर समीक्षा की जा रही है। यह पाकिस्तान, लश्कर-ए-ताइबा और जैश-ए-मोहम्मद की धमकी है। लेकिन इसको कामयाब कभी नहीं होने दिया जाएगा।