जुनून, जज्बा और जीत: 66 साल का इंतजार खत्म, जम्मू-कश्मीर रणजी ट्रॉफी के सेमीफाइनल में; एमपी को 52 रन से हराया
जम्मू-कश्मीर ने रणजी ट्रॉफी क्वार्टर फाइनल में पूर्व चैंपियन मध्यप्रदेश को 52 रन से हराकर 66 साल बाद सेमीफाइनल में जगह बनाई। तेज गेंदबाज आकिब नबी की शानदार गेंदबाजी के दम पर अब टीम 15 से 19 फरवरी के बीच बंगाल से सेमीफाइनल खेलेगी।
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जम्मू-कश्मीर ने सोमवार को रणजी ट्रॉफी के क्वार्टर फाइनल में पूर्व चैंपियन मध्यप्रदेश को 52 रनों से हराकर इतिहास रच दिया। जम्मू-कश्मीर की टीम ने 66 साल बाद रणजी ट्राॅफी के सेमीफाइनल में जगह बनाई है। वर्ष 1960 में जम्मू-कश्मीर की टीम पहली बार रणजी ट्राॅफी खेली थी। तब से अब तक सेमीफाइनल तक का सफर तय नहीं कर सकी थी। टीम का प. बंगाल के साथ 15 से 19 फरवरी के बीच सेमीफाइनल मुकाबला होगा।
सोमवार को मैच के चौथे दिन मध्यप्रदेश को जीत के लिए 204 रन की दरकार थी जबकि जम्मू-कश्मीर को पांच विकेट की। पांच विकेट पर 85 रन से आगे खेलते हुए मध्यप्रदेश के बल्लेबाजों ने संघर्ष तो किया लेकिन पूरी टीम 234 रनों पर सिमट गई। जम्मू-कश्मीर की जीत के हीरो रहे तेज गेंदबाज आकिब नबी का पूरे मुकाबले में दबदबा रहा। पहली पारी में सात विकेट लेने के बाद दूसरी पारी में भी उन्होंने टीम को निराश नहीं किया और 24 ओवर की गेंदबाजी में 70 रन देकर पांच विकेट झटके। आबिद मुश्ताक ने तीन विकेट जबकि सुनील कुमार और युद्धवीर सिंह ने एक-एक विकेट अपने नाम किए।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और सीएम उमर अब्दुल्ला ने दी बधाई
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने रणजी ट्रॉफी में एतिहासिक उपलब्धि के लिए टीम को बधाई दी। इसे कठिन मेहनत और अनुशासन का नतीजा बताया। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी मध्यप्रदेश पर ऐतिहासिक जीत के लिए जम्मू-कश्मीर क्रिकेट टीम को बधाई दी। उन्होंने 15 फरवरी को होने वाले सेमीफाइनल मैच के लिए टीम को शुभकामनाएं दी।
विधानसभा में सभी विधायकों ने जम्मू-कश्मीर टीम की उपलबि्ध पर मेज थपथपाकर शुभकामनाएं दीं।