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जम्मू कश्मीर: म्यांमार व बांग्लादेश के अवैध प्रवासियों की पहचान के लिए विकसित करें तंत्र, हाईकोर्ट ने गृह सचिव को सूची बनाने के भी दिए निर्देश
Tue, 05 Apr 2022 08:22 AM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Tue, 05 Apr 2022 08:22 AM IST
सार
जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट ने अवैध रूप से रहने वाले म्यांमार और बांग्लादेश के नागरिकों की पहचान के लिए तंत्र विकसित करने के निर्देश दिए हैं।
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jammu highcourt
- फोटो : फाइल
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विस्तार
जम्मू-कश्मीर व लद्दाख उच्च न्यायालय ने सोमवार को प्रदेश के गृहसचिव से यहां अवैध रूप से रहने वाले म्यांमार और बांग्लादेश के नागरिकों की पहचान के लिए तंत्र विकसित करने और उनकी सूची बनाने के निर्देश दिए हैं।
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हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पंकज मित्थल और न्यायमूर्ति मोक्षा खजूरिया काजमी की खंडपीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता सुनील सेठी के साथ अधिवक्ता अंकेश चंदेल की जनहित याचिका की सुनवाई के बाद कहा कि इस व्यवस्था को छह सप्ताह के अंदर पूरा कर लिया जाए। एडवोकेट हुनर गुप्ता ने इन लोगों के जम्मू आने के मामले की जांच की मांग की थी। यह जांच एक रिटायर जज से कराने की मांग की गई।
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एडवोकेट हुनर ने यह भी मांग रखी थी कि इन लोगों की पहचान की जाए और इन्हें प्रदेश से बाहर भेजा जाए। क्योंकि इन लोगों के लिए जम्मू-कश्मीर में किसी शरणार्थी शिविर की घोषणा नहीं की गई है। बता दें कि प्रदेश में 13400 के करीब म्यांमार और बांग्लादेशी रह रहे हैं। न्यायालय ने यह महसूस किया कि यह जनहित याचिका म्यांमार और बांग्लादेश के सभी अवैध प्रवासियों की पहचान करने के लिए कुछ जांच की मांग करती है, जो वहां से चले गए हैं और केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर में बस गए हैं। इस मामले की और जांच होनी चाहिए।
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