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जम्मू-कश्मीर: पुलवामा मुठभेड़ में चार आतंकियों और उनके एक मददगार का खात्मा, एयरफोर्स स्टेशन पर ड्रोन हमले का हाफिज सईद है साजिशकर्ता समेत पढ़ें प्रदेश की पांच बड़ी खबरें
Fri, 02 Jul 2021 04:33 PM IST
करिश्मा चिब
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: करिश्मा चिब
Updated Fri, 02 Jul 2021 04:33 PM IST
सार
जम्मू-कश्मीर में गुरुवार देर रात से आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ जारी है। सुरक्षाबलों ने चार आतंकियों को मार गिराया है। साथ ही आतंकियों के एक मददगार का भी खात्मा हुआ है। वहीं, एक जवान शहीद हो गया है। साथ ही जम्मू एयरफोर्स स्टेशन पर ड्रोन हमले की साजिश पाकिस्तान में रची गई है। वहीं जम्मू संभाग के अरनिया सेक्टर में सीमा पार से एक ड्रोन ने घुसने की कोशिश की। सतर्क बीएसएफ के जवानों ने ड्रोन को मार गिराने के लिए करीब 20 से 25 राउंड फायरिंग की। जवानों द्वारा की गई कार्रवाई के बाद ड्रोन वापस चला गया।
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- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जम्मू-कश्मीर में गुरुवार देर रात से आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ जारी है। सुरक्षाबलों ने चार आतंकियों को मार गिराया है। साथ ही आतंकियों के एक मददगार का भी खात्मा हुआ है। वहीं, एक जवान शहीद हो गया है। दोनों तरफ से गोलीबारी चल रही है। इस ऑपरेशन को सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम अंजाम दे रही है। जिसमें पुलिस, सीआरपीएफ और सेना की 44-आरआर(राष्ट्रीय राइफल्स) शामिल है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
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जम्मू एयरफोर्स स्टेशन पर ड्रोन हमले की साजिश पाकिस्तान में रची गई है। ज्यादा आशंका इसकी भी है कि हमला करने वाले ड्रोन पाकिस्तान से भेजे गए हों। माना जा रहा है कि इसके लिए मकवाल बॉर्डर को रूट बनाया गया। एजेंसियां यह भी देख रही हैं कि ड्रोन को लश्कर के लिए काम करने वाले किसी आतंकी या ओजी वर्कर ने एयरबेस के पास से तो संचालित नहीं किया। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि 27 जून को हुए हमले की साजिश पाकिस्तान में रची गई है। इसके पीछे आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के सरगना हाफिज सईद और आईएसआई का हाथ है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें........
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जम्मू संभाग के अरनिया सेक्टर में सीमा पार से एक ड्रोन ने घुसने की कोशिश की। सतर्क बीएसएफ के जवानों ने ड्रोन को मार गिराने के लिए करीब 20 से 25 राउंड फायरिंग की। जवानों द्वारा की गई कार्रवाई के बाद ड्रोन वापस चला गया। बता दें कि सुबह करीब 4:25 बजे एक ड्रोन( हेक्साकॉप्टर) अरनिया सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा पार करने की कोशिश कर रहा था। जिसे देखते ही बीएसएफ के जवानों ने उस पर गोलीबारी की। इस फायरिंग के कारण ड्रोन वापस लौट गया। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें........
जम्मू के एयरपोर्ट पर ड्रोन हमला, कालू चक मिलिट्री स्टेशन व रतनूचक सेना के शिविर के ऊपर देखे गए ड्रोन से सुरक्षा एजेंसियां काफी सतर्क हो गई हैं। अब ड्रोन के मार्ग को तलाशने में जुटी हैं। जानकारी के अनुसार जिले की भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा के उस पार पाकिस्तान की पोस्ट सुकमाल में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ने आईएसआई ने आतंकियों के लिए एक लॉचिंग पैड बना रखा है। जहां से पहले आतंकियों को रेकी करा कर भारतीय सीमा में घुसपैठ करा दी जाती थी, लेकिन सुरक्षा बलों की सतर्कता के चलते घुसपैठ पर तो अंकुश लग गया, लेकिन पाकिस्तान की ओर से नई तकनीक को अपना कर ड्रोन का इस्तेमाल किया जाने लगा है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें........
उत्तरी कमान के उधमपुर मिलिट्री स्टेशन में एक गेट का नाम नौशेरा रखा गया है। वर्ष 1948 के नौशेरा मोर्चे पर पाकिस्तान को करारी शिकस्त देते शहीद हुए जांबाजों की याद में इस द्वार का नामकरण किया गया है। गुरुवार को उत्तरी कमान प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल वाईके जोशी ने उधमपुर मिलिट्री स्टेशन के एक द्वार का नाम विधिवत नौशेरा द्वार रखा। सैन्य प्रवक्ता ने बताया कि राजोरी के नौशेरा में पाकिस्तान को करारी शिकस्त दी गई थी। इस जीत से दुश्मन को बड़ा झटका लगा। यह मोर्चा पाकिस्तान को नौशेरा कस्बे में आने से रोकने के लिए निर्णायक साबित हुआ। देश की सरहद और संप्रभुता की रक्षा करते कई जांबाज शहीद हुए, जिनके सम्मान और याद में नौशेरा द्वार का नामकरण किया गया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें........