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Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Jammu and Kashmir governor Satya Pal Malik says Nothing to worry about on Articles 370 and 35A

अनुच्छेद 370 और 35ए पर फिक्र करने की जरूरत नहीं: राज्यपाल सत्यपाल मलिक

Thu, 13 Jun 2019 08:26 AM IST
शाहरुख खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्रीनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्रीनगर Published by: शाहरुख खान Updated Thu, 13 Jun 2019 08:26 AM IST
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Jammu and Kashmir governor Satya Pal Malik says Nothing to worry about on Articles 370 and 35A
राज्यपाल सत्यपाल मलिक - फोटो : एएनआई
राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने उन रिपोर्टों को खारिज कर दिया कि केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर में परिसीमन की योजना बना रही थी। इस बारे में गृह मंत्रालय से कोई पुष्टि नहीं हुई है। राज्य में परिसीमन एक अफवाह है।     
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पत्रकारों से उन्होंने अनुच्छेद 370 और 35ए को लेकर कहा कि यह बहुत पार्टियों के घोषणापत्र में हैं जिस पर बातचीत चलती रहती है। लेकिन ऐसी कोई बात नहीं जिससे आपको फिक्र करने की जरूरत है। 
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राज्य में जो चुनाव हमने करवाए वह अच्छे से हुए। विधानसभा चुनाव के लिए जो सुरक्षा चाहिए वह मिलेगी तो हम तैयार है। इस बीच मुख्य सचिव ने कहा कि चुनाव आयोग पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि अमरनाथ यात्रा समाप्त होने के बाद विधानसभा चुनावों की घोषणा की जाएगी।
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कश्मीर में भ्रष्टाचार बाकी जगहों से अधिक : राज्यपाल
राज्यपाल ने कहा कि कश्मीर में भ्रष्टाचार बाकी जगहों से ज्यादा है। उसकी वजह यह है कि जो सत्ताधारी थे वह खुद ऐसे काम में शामिल थे। बड़ी मछली कोई भी हो वह बचेगी नहीं और कश्मीर को भ्रष्टाचार मुक्त किया जाएगा। 

राज्य में भ्रष्टाचार के कुछ ऐसे मामले पाए गए हैं जिनमें पूर्व मंत्री तक शामिल रहे हैं। कुछ दिनों में इसका पता चल जाएगा। जेके बैंक पर हमने किसी भ्रष्टाचार के बुनियाद पर नहीं बल्कि आरबीआई के निर्देशों के अनुसार कार्रवाई की है। 

पत्रकारों से उन्होंने कहा कि आगे आपको ऐसी चीजें देखने को मिलेंगी जो आपने सोची नहीं होंगी। जहां तक भ्रष्टाचार का सवाल है मैंने यहां आने के बाद दो ऐसे डील रद किए जिनमें 150-150 करोड़ का सौदा हुआ था। उसमें बहुत रसूखदार लोग शामिल थे। 

मुझे प्रधानमंत्री को जाकर कहना पड़ा कि मैं यह डील कैंसिल कर रहा हूं। मैंने उनसे इजाजत ली और कहा कि मुझे यह कैंसल करनी होगी नहीं तो कागज पर अभी इस्तीफा दे दूंगा। मुझे किसी का डर नहीं और मैं पूरी सख्ती के साथ भ्रष्टाचार से लड़ूंगा। 

सारे देश में दो परसेंट मांगते हैं, जबकि यहां 12 परसेंट मांगते हैं। इसलिए यहां कोई इन्वेस्ट नहीं करता। एक-एक फाइल को एक टेबल से दूसरे टेबल तक जाने में महीनों लग जाते हैं। 

उदाहरण देते हुए एक एसआरओ के तहत जिन बच्चों के परिजन आतंकी कार्रवाई में मारे जाते हैं उन्हें नौकरी मिलती है। मुख्य सचिव की ओर से फाइल मेरे पा आ जाती है मैं साइन कर देता हूं। मुख्य सचिव द्वारा जारी ऑर्डर को पाने के लिए गरीब को एक लाख रुपया देना पड़ता है। अगर यहां की युवा पीढ़ी को यह यकीन दिलाया जा सके कि तुम्हारे हक पर किसी रसूखदार के बच्चे को तरजीह नहीं मिलेगी तो आधा आतंकवाद खुद खत्म हो जाएगा।

12 जुलाई से आउटरीच प्रोग्राम
मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रह्ण्यम ने कहा कि बड़ी संख्या युवाओं की है जो किन्हीं कारणों से नाखुश है। हो सकता है कि कुछ नौकरी की कमी के चलते, कुछ पढ़ाई के संसाधनों की कमी के चलते हो। 12 जुलाई 2019 से पहले ही हम एक बड़े पैमाने पर आउटरीच प्रोग्राम शुरू करेंगे। हमें युवाओं के दिलों तक पहुंचने की जरूरत है।
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