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JK: JNU मामले से सरकार गठन के प्रयासों को झटका?

Sat, 13 Feb 2016 01:14 PM IST
Updated Sat, 13 Feb 2016 01:14 PM IST
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Jammu and Kashmir government formation

भाजपा द्वारा राज्यपाल से मांगी गई दस दिन की मोहलत भी खत्म हुई, पर सरकार गठन का मसला जहां का तहां है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सत शर्मा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को राज्यपाल से मुलाकात कर राज्य के राजनीतिक हालात सहित अन्य मुद्दों पर चर्चा की।

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दिल्ली में जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष की देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तारी सरकार बनाने के प्रयासों को झटका दे सकती है। माना जा रहा है कि यह गिरफ्तारी पीडीपी को पसंद नहीं आएगी। 
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फिर भी कुछ जानकारों का मानना है कि पीडीपी और भाजपा के केंद्रीय और राज्य स्तरीय नेताओं के बीच अनौपचारिक बातचीत में सरकार गठन पर लगभग सहमति बन गई है। यदि सब कुछ ठीकठाक रहा तो इसी महीने नई सरकार अस्तित्व में आ सकती है।
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अब चालीसवें के बाद गठन की उम्मीद

Jammu and Kashmir government formation

हालांकि, सरकार बनाने को लेकर पीडीपी और भाजपा के बीच कोई अधिकृत बातचीत शुरू नहीं हो पाई है। इससे असमंजस अब भी बरकरार है।

पूर्व मंत्री और पीडीपी नेता नईम अख्तर का कहना है कि सरकार गठन पर यदि कुछ फैसला हुआ तो वह पता चल जाएगा।

मुफ्ती के चालीसवां में शामिल होने के लिए केंद्र से भाजपा नेताओं के अलावा जम्मू से स्थानीय नेता भी श्रीनगर पहुंचेंगे। जम्मू में पीडीपी और भाजपा नेताओं के बीच तीन मुलाकातें हुई हैं।

महबूबा जल्द केंद्रीय नेताओं से कर सकती हैं मुलाकात

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इनमें एजेंडा आफ अलायंस को लेकर उत्पन्न गतिरोध पर भी चर्चा हुई। इस पर दोनों दलों ने आगे बढ़ने पर सहमति जताई है। कहा जा रहा है कि 23 फरवरी से शुरू हो रहे बजट सत्र के दौरान दिल्ली पहुंचने पर महबूबा की केंद्रीय नेताओं से मुलाकात भी संभव है।

पूर्व उप मुख्यमंत्री डा. निर्मल सिंह का कहना है कि पीडीपी के रुख का इंतजार है। उम्मीद है कि मुफ्ती के चालीसवां के बाद कुछ सकारात्मक संकेत मिल सकते हैं।

सूत्रों का कहना है कि राम माधव का फिलहाल श्रीनगर आने का कार्यक्रम व्यस्तता के कारण तय नहीं है, लेकिन उम्मीद है कि वे चालीसवां पर यहां आएंगे। इस दौरान महबूबा से मुलाकात भी संभव है। भाजपा हाईकमान की ओर से राम माधव को बातचीत के लिए अधिकृत किया गया है।

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