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जम्मू-कश्मीर चुनाव: जम्मू संभाग में छह और कश्मीर में एक विधानसभा सीट बढ़ाने का प्रस्ताव, परिसीमन आयोग का नेकां-पीडीपी ने किया विरोध
Mon, 20 Dec 2021 02:33 PM IST
विमल शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: विमल शर्मा
Updated Mon, 20 Dec 2021 02:33 PM IST
सार
जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनावों के लिए लगातार कसरत जारी है। इससे पहले परिसीमन आयोग ने सभी विधानसभा क्षेत्रों का ब्योरा तैयार कर लिया है। सूत्रों के मुताबिक सोमवार को हुई बैठक में परिसीमन आयोग ने जम्मू संभाग में छह और कश्मीर में एक विधानसभा सीट बढ़ाए जाने का प्रस्ताव रखा गया। इसका नेशनल कांफ्रेंस और पीडीपी ने विरोध किया है।
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परिसीमन आयोग की बैठक में भाग लेने से पहले जम्मू कश्मीर के सांसद।
- फोटो : ANI
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विस्तार
परिसीमन आयोग ने जम्मू संभाग में छह व कश्मीर में एक विधानसभा सीट बढ़ाने का प्रस्ताव किया है। इस प्रस्ताव से 90 सदस्यीय विधानसभा में जम्मू में 43 और कश्मीर में 47 सीटें हो जाएंगी। इसके अलावा 9 सीटें जनसंख्या के आधार पर अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित करने का प्रस्ताव प्रदेश के सांसदों के समक्ष रखा है।
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जम्मू संभाग में कठुआ, सांबा, उधमपुर, रियासी, राजोरी और किश्तवाड़ जिलों में एक-एक विधानसभा सीट और कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में एक सीट बढ़ाने का प्रस्ताव है। आयोग की अध्यक्ष जस्टिस (रिटायर्ड) रंजना प्रकाश देसाई के बुलावे पर नई दिल्ली में प्रदेश के पांच सांसदों के साथ हुई बैठक के दौरान आयोग ने सात विधानसभा सीटें बढ़ाने का प्रस्ताव रखा। हालांकि, इस प्रस्ताव का नेकां ने विरोध कर दिया है और भाजपा प्रस्ताव के पक्ष में है।
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सोमवार को हुई बैठक में केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह, भाजपा सांसद जुगल किशोर नेशनल कांफ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला रिटायर्ड जस्टिस हसनैन मसूदी और मोहम्मद अकबर लोन ने शिरकत की। दिल्ली के अशोका होटल में हुई बैठक में मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुशील चंद्रा समेत चुनाव आयोग के अधिकारियों और केंद्र शासित प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने भी भाग लिया। परिसीमन आयोग का कार्यकाल छह मार्च तक है। तब तक आयोग को सभी सीटों के परिसीमन को पूरा करना है। आयोग की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त जज रंजना देसाई कर रही हैं। परिसीमन के बाद ही जम्मू-कश्मीर में चुनाव कराए जा सकेंगे।
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बैठक में आयोग की अध्यक्ष जस्टिस (रिटायर्ड) रंजना प्रकाश देसाई ने सांसदों को 31 दिसंबर 2021 तक प्रस्तावों पर अपने सुझाव व आपत्तियां दर्ज करवाने का आग्रह किया। बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्र, उप मुख्य चुनाव आयुक्त चंद्र भूषण कुमार के अलावा जम्मू-कश्मीर के राज्य चुनाव आयुक्त केके शर्मा और मुख्य चुनाव अधिकारी हिरदेश कुमार मौजूद रहे।
परिसीमन आयोग के जम्मू संभाग में छह सीटें व कश्मीर में एक सीट बढ़ाने के प्रस्ताव पर गौर किया जाएगा और 31 दिसंबर तक आयोग को सुझाव दे देंगे। प्रस्ताव तैयार करने में आयोग ने काफी मेहनत की है। जम्मू-कश्मीर में हर क्षेत्र को विधानसभा में पर्याप्त प्रतिनिधित्व देने का प्रयास किया गया है।
- जुगल किशोर शर्मा, सांसद, जम्मू-पुंछ लोकसभा क्षेत्र
उमर बोले- परिसीमन का प्रस्तावित मसौदा अस्वीकार
नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने कहा कि परिसीमन का प्रस्तावित मसौदा अस्वीकार है। उन्होंने कहा, नई विधानसभा में छह सीटें जम्मू के लिए और एक सीट कश्मीर के लिए है। यह जनगणना 2011 की जनसंख्या के आधार पर सारगर्भित नहीं है। ऐसा प्रतीत होता है कि आयोग ने भाजपा के एजेंडे के अनुसार सिफारिशों को तय करने की अनुमति दी है न कि आंकड़ों की, जिस पर न केवल विचार किया जाना था, बल्कि उसी के अनुरूप परिसीमन होना था। वादा किया गया था कि परिसीमन वैज्ञानिक दृष्टिकोण से किया जाएगा, लेकिन यह इसके बिल्कुल विपरीत है।
जम्मू-कश्मीर में पांच बार परिसीमन आयोग का गठन
जम्मू-कश्मीर के परिसीमन के तहत प्रदेश में विधानसभा में सीट वार चुनाव क्षेत्र की सीमा तय की जाएगी। इसमें अब तक पांच बार आयोग का गठन हुआ है, इसमें 1952, 1963, 1973, 2002 और 2020 में आयोग गठित किया है। अब तक प्रदेश में 87 सीटें थीं, जिसमें से जम्मू में 37 और कश्मीर में 46 सीटें थीं। प्रदेश विधानसभा की सीटों को बढ़ाकर 90 करने का प्रस्ताव है। पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के लिए अलग से 24 सीटें आरक्षित हैं। नए परिसीमन मसौदे में जम्मू में 43 और कश्मीर में 47 सीटें होंगी।