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जम्मू-कश्मीर: भीड़ ने नहीं करने दिया संक्रमित का अंतिम संस्कार, अधजली लाश लेकर भागे परिजन
Tue, 02 Jun 2020 09:44 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 02 Jun 2020 09:44 PM IST
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कोरोना वायरस (फाइल फोटो)
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कोरोना संक्रमित डोडा के बुजुर्ग की मौत के बाद उनके अंतिम संस्कार के लिए दोमाना पहुंचे परिवार वालों और प्रशासन के लोगों को स्थानीय लोगों के जबरदस्त विरोध का सामना करना पड़ा। भीड़ ने पत्थरों व लाठी-डंडों से हमला कर दिया।
परिजनों को चिता से अधजला शव लेकर वहां से जीएमसी वापस भागना पड़ा। बाद में प्रशासन की मौजूदगी में गोल गांव स्थित श्मशान घाट पर नियमों के अनुसार शव का अंतिम संस्कार कराया गया। हालांकि प्रशासन और पुलिस ने ऐसी किसी घटना से इंकार किया है।
जम्मू संभाग में कोरोना से यह पांचवीं मौत है। मृतक के बेटे के मुताबिक, डोडा जिले के रहने वाले 72 वर्षीय सेवानिवृत्त शिक्षक उनके पिता की सोमवार को जीएमसी जम्मू में कोरोना के कारण मौत हो गई थी।
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मंगलवार को एक राजस्व अधिकारी और मेडिकल टीम के साथ सुबह 6.30 बजे एंबुलेंस में शव को लेकर दोमाना क्षेत्र में पहुंचे। एंबुलेंस में शव के साथ मृतक के दो बेटे, पत्नी और अन्य कुछ लोग थे। सभी को पीपीई किट सहित अन्य जरूरी चिकित्सा सामग्री पहनाई गई थी।
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परिजनों को चिता से अधजला शव लेकर वहां से जीएमसी वापस भागना पड़ा। बाद में प्रशासन की मौजूदगी में गोल गांव स्थित श्मशान घाट पर नियमों के अनुसार शव का अंतिम संस्कार कराया गया। हालांकि प्रशासन और पुलिस ने ऐसी किसी घटना से इंकार किया है।
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जम्मू संभाग में कोरोना से यह पांचवीं मौत है। मृतक के बेटे के मुताबिक, डोडा जिले के रहने वाले 72 वर्षीय सेवानिवृत्त शिक्षक उनके पिता की सोमवार को जीएमसी जम्मू में कोरोना के कारण मौत हो गई थी।
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मंगलवार को एक राजस्व अधिकारी और मेडिकल टीम के साथ सुबह 6.30 बजे एंबुलेंस में शव को लेकर दोमाना क्षेत्र में पहुंचे। एंबुलेंस में शव के साथ मृतक के दो बेटे, पत्नी और अन्य कुछ लोग थे। सभी को पीपीई किट सहित अन्य जरूरी चिकित्सा सामग्री पहनाई गई थी।
जैसे ही शव के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया के लिए लकड़ियां एकत्र कीं, स्थानीय लोग वहां जमा हो गए और वहां शव के अंतिम संस्कार का विरोध शुरू कर दिया। घरवालों का आरोप है कि इस दौरान कुछ लोगों ने उनके साथ स्वास्थ्य कर्मियों पर पत्थर बरसाए व लाठी डंडे भी चलाए।
इसके कारण चिता से शव को वापस एंबुलेंस में रखकर जीएमसी लाया गया। जिस समय यह घटना हुई चिता में आग भी लगाई जा रही थी। घरवालों का कहना था कि उन्हें आश्वासन दिया गया था कि आप एंबुलेंस में जाएं और वहां शव का अंतिम संस्कार करके आएं।
जिसके बाद आपको डोडा में क्वारंटीन होना पड़ेगा। लेकिन दोमाना में पहुंचकर उन्हें लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। बुजुर्ग के बेटे ने कहा, हमने अपने गृह जिले में अंतिम संस्कार करने के लिए सरकार ने अनुमति मांगी थी लेकिन अधिकारियों ने कहा कि जहां मौत हुई है, वहीं अंतिम संस्कार की समुचित व्यवस्था की जाएगी और दाह संस्कार में कोई बाधा उत्पन्न नहीं होगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने भी उनकी कोई मदद नहीं की। जबकि घटनास्थल पर दो सुरक्षाकर्मी मौजूद थे। उनके साथ मौजूद राजस्व अधिकारी भी मौके से गायब हो गया। उन्होंने कहा, एंबुलेंस चालक और अस्पताल के कर्मचारियों ने हमारी बहुत मदद की और शव के साथ हमें अस्पताल ले गए। बाद में शव का अंतिम संस्कार गोल गांव में अतिरिक्त उपायुक्तए एसडीएम सहित वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में किया गया।
इसके कारण चिता से शव को वापस एंबुलेंस में रखकर जीएमसी लाया गया। जिस समय यह घटना हुई चिता में आग भी लगाई जा रही थी। घरवालों का कहना था कि उन्हें आश्वासन दिया गया था कि आप एंबुलेंस में जाएं और वहां शव का अंतिम संस्कार करके आएं।
जिसके बाद आपको डोडा में क्वारंटीन होना पड़ेगा। लेकिन दोमाना में पहुंचकर उन्हें लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। बुजुर्ग के बेटे ने कहा, हमने अपने गृह जिले में अंतिम संस्कार करने के लिए सरकार ने अनुमति मांगी थी लेकिन अधिकारियों ने कहा कि जहां मौत हुई है, वहीं अंतिम संस्कार की समुचित व्यवस्था की जाएगी और दाह संस्कार में कोई बाधा उत्पन्न नहीं होगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने भी उनकी कोई मदद नहीं की। जबकि घटनास्थल पर दो सुरक्षाकर्मी मौजूद थे। उनके साथ मौजूद राजस्व अधिकारी भी मौके से गायब हो गया। उन्होंने कहा, एंबुलेंस चालक और अस्पताल के कर्मचारियों ने हमारी बहुत मदद की और शव के साथ हमें अस्पताल ले गए। बाद में शव का अंतिम संस्कार गोल गांव में अतिरिक्त उपायुक्तए एसडीएम सहित वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में किया गया।
कोई पत्थरबाजी नहीं हुई: डीसी
जिला उपायुक्त सुषमा चौहान के अनुसार, दोमाना क्षेत्र में डोडा निवासी कोविड मृतक के शव को जब चिता पर रखा गया था तब वहां कुछ लकड़ियां गीली थीं। जिसके कारण शव को दोबारा जीएमसी लाया गया। दोमाना में शव के साथ आए लोगों पर पत्थरबाजी की कोई सूचना नहीं है।
जिला उपायुक्त सुषमा चौहान के अनुसार, दोमाना क्षेत्र में डोडा निवासी कोविड मृतक के शव को जब चिता पर रखा गया था तब वहां कुछ लकड़ियां गीली थीं। जिसके कारण शव को दोबारा जीएमसी लाया गया। दोमाना में शव के साथ आए लोगों पर पत्थरबाजी की कोई सूचना नहीं है।