फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Jammu and Kashmir: 600 SPOs of the state could not be made permanent, waiting since two years

जम्मू-कश्मीर: प्रदेश के 600 एसपीओ नहीं किए जा सके स्थायी, दो साल से कर रहे इंतजार

Sat, 31 Jul 2021 07:26 PM IST
करिश्मा चिब न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: करिश्मा चिब Updated Sat, 31 Jul 2021 07:26 PM IST
सार

एसपीओ को अलग-अलग कोटे से स्थायी करने के लिए हो चुके हैं इंटरव्यू।

विज्ञापन
Jammu and Kashmir: 600 SPOs of the state could not be made permanent, waiting since two years
जम्मू-कश्मीर पुलिस लोगो - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पुलिस महकमे में तैनात एसपीओ को अलग-अलग कोटों से स्थायी किया जाना है। लेकिन दो साल से इनकी फाइल पुलिस मुख्यालय में धूल फांक रही है। ऐसे 600 एसपीओ हैं, जो इंतजार में हैं। हालांकि, प्रदेश में 25 हजार एसपीओ हैं। जानकारी के अनुसार 600 एसपीओ में 250 एसपीओ आईटीआई किए हुए हैं।

विज्ञापन


इसके अलावा कुछ खेल कोटे से हैं, 200 से ज्यादा आतंकी ऑपरेशन में शामिल हैं और कुछ अन्य कोटों से। इन लोगों को पुलिस महकमे में स्थायी कर्मी के तौर पर फालोअर या कांस्टेबल बनाया जाना है। अलग-अलग जिलों से प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। सिर्फ अब महकमे की मंजूरी मिलना बाकी है।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें- जम्मू-कश्मीर: सब इंस्पेक्टरों की नियुक्तियों को हाईकोर्ट ने सही ठहराया, कहा- भर्ती में कोई धांधली नहीं हुई   
विज्ञापन
विज्ञापन


कुछ एसपीओ ने बताया कि दो साल से उनकी फाइलें पुलिस मुख्यालय में हैं। लेकिन इस पर कुछ नहीं हो रहा। तमाम औपचारिकताएं पूरी करने के बावजूद भी स्थायी नहीं किया जा रहा। इसे लेकर डीजीपी दिलबाग सिंह से बात करने की कोशिश की गई। लेकिन उन्होंने इस पर कोई जवाब नहीं दिया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed