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जैश के आतंकियों ने काटा था बीएसएफ जवान का सिर, सोशल मीडिया पर संगठन ने किया दावा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू/श्रीनगर
Updated Thu, 18 Oct 2018 11:30 PM IST
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- फोटो : फाइल
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सांबा के रामगढ़ सेक्टर में बार्डर पर बीएसएफ के जवान का सिर जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों ने काटा था। आतंकी संगठन जैश ने सोशल मीडिया पर इसकी जिम्मेदारी ली है। साथ ही जवान से लूटे गए हथियारों की तस्वीर भी अपलोड की है।
सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीर में जेईएम का टैग है। तस्वीर में एक एसएलआर राइफल, पांच एसएलआर मैगजीन, एक मोबाइल फोन और एक पाउच दिख रहा है। संगठन ने दावा किया है कि यह हथियार बीएसएफ की 176 बटालियन के हेड कांस्टेबल नरिंदर सिंह से लूटा गया था। बता दें कि यह घटना 19 सितंबर को घटी थी और इसके लिए बीएसएफ ने पाकिस्तानी रेंजर को जिम्मेदार ठहराया था।
हालांकि, यह हमला पाकिस्तान की बैट एक्शन टीम का था। इस तरह की घटनाओं को बैट टीम ही अंजाम देते आई है। बैट टीम में मुख्य रूप से जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी शामिल होते हैं। जब वर्ष 2013 में पुंछ के मेंढर सेक्टर में बैट हमला हुआ तब भी इसमें मुख्य रूप से हाथ जैश का ही था। तब भी दो जवानों के सिर काटे गए थे।
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आतंकियों के मारे जाने से बौखलाए
जैश ए मोहम्मद के तीन आतंकी झज्जर कोटली के पास मारे गए थे। इसके अलावा जैश के लिए काम करने वाले ओवर ग्राउंड वर्करों के नेटवर्क का भी पता चला। सूत्रों की मानें तो इस बौखलाहट से जैश के आतंकियों ने बार्डर पर इस तरह की घटना को अंजाम दिया। मारे गए जैश आतंकी बार्डर पार से ही आए थे। इसलिए आतंकियों ने बार्डर को ही चुना। पहली बार बार्डर पर इस तरह की घटना हुई।
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सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीर में जेईएम का टैग है। तस्वीर में एक एसएलआर राइफल, पांच एसएलआर मैगजीन, एक मोबाइल फोन और एक पाउच दिख रहा है। संगठन ने दावा किया है कि यह हथियार बीएसएफ की 176 बटालियन के हेड कांस्टेबल नरिंदर सिंह से लूटा गया था। बता दें कि यह घटना 19 सितंबर को घटी थी और इसके लिए बीएसएफ ने पाकिस्तानी रेंजर को जिम्मेदार ठहराया था।
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हालांकि, यह हमला पाकिस्तान की बैट एक्शन टीम का था। इस तरह की घटनाओं को बैट टीम ही अंजाम देते आई है। बैट टीम में मुख्य रूप से जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी शामिल होते हैं। जब वर्ष 2013 में पुंछ के मेंढर सेक्टर में बैट हमला हुआ तब भी इसमें मुख्य रूप से हाथ जैश का ही था। तब भी दो जवानों के सिर काटे गए थे।
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आतंकियों के मारे जाने से बौखलाए
जैश ए मोहम्मद के तीन आतंकी झज्जर कोटली के पास मारे गए थे। इसके अलावा जैश के लिए काम करने वाले ओवर ग्राउंड वर्करों के नेटवर्क का भी पता चला। सूत्रों की मानें तो इस बौखलाहट से जैश के आतंकियों ने बार्डर पर इस तरह की घटना को अंजाम दिया। मारे गए जैश आतंकी बार्डर पार से ही आए थे। इसलिए आतंकियों ने बार्डर को ही चुना। पहली बार बार्डर पर इस तरह की घटना हुई।
खूंखार है जैश-ए-मोहम्मद
जम्मू-कश्मीर और देश के अन्य हिस्सों में बड़े हमले करने के पीछे आतंकी संगठन जैश-ए- मोहम्मद का हाथ सामने आया है। पंजाब के दीनानगर, पठानकोट, जम्मू के नगरोटा, जम्मू के सुंजवां में हुए आतंकी हमलों को भी जैश ने ही अंजाम दिया था। कंधार मामले में छोड़ा गया आतंकी मसूद अजहर इस संगठन का मुखिया है, जो पाकिस्तान में बैठ कर इसे चला रहा है। जैश का कश्मीर में भी अच्छा खासा नेटवर्क है, जिसके दम पर वह फिदायीन हमले कर रहा है।