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J&K: शहरी स्थानीय निकाय चुनाव छठीं बार खिसकने के आसार
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Tue, 29 Mar 2016 12:16 PM IST
सार
- अब पीडीपी-भाजपा सरकार चुनाव पर लेगी निर्णय
- मई-जून के बजाय अब सितंबर-अक्तूबर तक खिसक सकते चुनाव
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- फोटो : demopic
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विस्तार
रियासत जम्मू-कश्मीर में शहरी स्थानीय निकाय चुनाव आगे खिसकने के आसार बन गए हैं। शपथ ग्रहण के बाद पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार माहौल और स्थितियों को मद्देनजर रखते हुए अब चुनाव पर निर्णय लेगी।
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सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अप्रैल महीने में नई सरकार के सत्ता संभालने के कुछ दिन बाद जम्मू से श्रीनगर दरबार मूव हो जाएगा। इसके बाद श्री अमरनाथ यात्रा की तैयारी जोरशोर से शुरू होगी। दो जुलाई से श्री अमरनाथ यात्रा शुरू होने के साथ ही सुरक्षा का ज्यादा ध्यान अमरनाथ यात्रा पर केंद्रित हो जाएगा।
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इसके अलावा पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार रियासत में सियासी परिदृश्य और माहौल को देखते हुए ही चुनाव करवाने का निर्णय लेगी। सत्ता संभालते ही चुनाव करवाने का जोखिम गठबंधन सरकार के लेने के कम ही आसार हैं।
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वर्तमान समय में राज्यपाल शासन में शहरी स्थानीय निकाय चुनाव मई-जून में करवाए जाने की तैयारी चल रही थी। चुनाव विभाग भी जोरशोर से तैयारी में जुटा था। मतदाता सूचियों के ड्राफ्ट रोल पर संशोधन का काम तेजी से चल रहा है। 31 मार्च तक इस प्रक्रिया को पूरा किया जाना है।
2010 से शहरी स्थानीय निकाय चुनाव लटक रहे
रियासत जम्मू-कश्मीर में शहरी स्थानीय निकाय चुनाव साल 2010 से लटके पड़े हैं। इस कारण हर साल करोड़ों की केंद्रीय सहायता से भी रियासत को वंचित रहना पड़ा है। रियासत में आखिरी बार स्थानीय निकाय चुनाव साल 2005 में हुए थे और पांच साल के बाद 2010 में कार्यकाल खत्म हो गया था।
चुनाव आगे खिसकने के कारण
1. खाद्य सुरक्षा अधिनियम से रियासत के लोगों में नाराजगी
2. विपक्षी दल पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार के वैचारिक मतभेदों को भुनाएंगे
3. बाढ़ प्रभावितों को अभी पूरी राहत सहायता मिलना बाकी
4. चुनावी वादों और एजेंडा आफ अलायंस के कई बिंदुओं पर काम शेष
5. श्री अमरनाथ यात्रा शुरू होने के बाद सुरक्षा कारण
चुनाव आगे खिसकने के कारण
1. खाद्य सुरक्षा अधिनियम से रियासत के लोगों में नाराजगी
2. विपक्षी दल पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार के वैचारिक मतभेदों को भुनाएंगे
3. बाढ़ प्रभावितों को अभी पूरी राहत सहायता मिलना बाकी
4. चुनावी वादों और एजेंडा आफ अलायंस के कई बिंदुओं पर काम शेष
5. श्री अमरनाथ यात्रा शुरू होने के बाद सुरक्षा कारण