जानिए, कैसे जेएंडके देश में नया ‘ट्रेंड सेटर’ बना
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इसी साल आरंभ में जम्मू-कश्मीर की नई सरकार की ओर से पेश बजटीय प्रारूप और वर्गीकरण की नकल देश के कई राज्यों ने की है। जम्मू कश्मीर का बजट काफी सराहनीय है।
जेएंडके के बजट से संकेत लेते हुए केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने सभी राज्यों को कहा है कि ‘योजना एवं गैर योजना’ मद के खर्च को ‘राजस्व और पूंजीगत’ में शिफ्ट किया जाए।
नई दिल्ली में वित्त सचिवों के साथ बैठक के दौरान केंद्रीय वित्त सचिव रतन वाटल ने कहा कि सार्वजनिक व्यय प्रबंधन में सुधार करने के लिए वर्गीकरण में परिवर्तन करने के लिए केंद्रीय वित्त मंत्रालय पहले से ही विचार विमर्श कर रहा है।
बजट के ढ़ांचे में किया बदलाव
रियासत के वित्त मंत्री डा. हसीब द्राबू द्वारा मार्च 2015 को विधानसभा में रखे अपने पहले बजट में ‘योजना एवं गैर योजना’ मद को समाप्त करने का बीड़ा उठाया था।
डा. द्राबू ने बजटीय भाषण में कहा था कि ‘योजना और गैर योजना’ मद में यह खोजना मुश्किल होता है कि पैसे कहां खर्च किए गए। लेकिन नए वर्गीकरण में यह आसान हो जाएगा।
डा. द्राबू ने कहा था, ‘अगले वित्तीय वर्ष 2015-16 से मैंने राज्य बजट के ढांचे में पूरी तरह परिवर्तन कर दिया है। हमारे बजट में अब सिर्फ दो हिस्से होंगे।
प्राप्तियां और खर्च। सार्वजनिक खर्च में प्रभावशाली नजर रखने के लिए पुराने ‘योजना एवं गैर योजना’ मद के वर्गीकरण को पूरी तरह समाप्त किया गया है।’