पाकिस्तान का 'नमक' खाना चाहती है उमर सरकार
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जम्मू-कश्मीर की उमर सरकार पाकिस्तानी नमक खाना चाहती है। ये कोई मजाक नहीं हकीकत है।
राज्य सरकार ने आगामी 25 अगस्त को भारत-पाक विदेश सचिवों की प्रस्तावित वार्ता के मद्देनजर केंद्र सरकार को क्रास एलओसी ट्रेड को प्रभावी बनाने के लिए प्रस्ताव सौंपा है।
प्रस्ताव में एलओसी के दोनों तरफ कारोबार में बढ़ोतरी के लिए तीस नई आइटमों को शामिल करने की मांग की गई है।
सीमेंट, नमक से लेकर मसाले तक पाकिस्तानी
इनमें 14 वस्तुएं पाकिस्तान से आयात और 16 वस्तुएं निर्यात की जाएंगी। राज्य उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के वित्त आयुक्त खुर्शीद अहमद गनई ने इस कवायद की पुष्टि की है।
सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजे गए प्रस्ताव में पीओके से आयात की जाने वाली अतिरिक्त आइटमों में सीमेंट, नमक, दालें, लेदर के उत्पाद, कपास, टिंबर, मसाले और कैन फूड प्रोडेक्टर शामिल हैं।
अतिरिक्त निर्यात की जाने वाली प्रस्तावित आइटमों में खेल का सामान, कागज, कागज के उत्पाद, खाद प्रसंस्करण पदार्थ, मिनरल वाटर आदि शामिल है।
फिलहाल 21 आइटमों पर कारोबार
गौरतलब है कि स्थानीय क्रास एलओसी ट्रेडर लंबे समय से कारोबार में अतिरिक्त आइटमें शामिल करने की मांग कर रहे हैं।
पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे के कश्मीर दौरे के दौरान भी क्रास एलओसी ट्रेडरों की मांग को राज्य सरकार ने उनके समक्ष रखा था।
फिलहाल सलामाबाद-चकौटी और चक्का दा बाग-रावलाकोट क्रास एलओसी ट्रेड सेंटरों के जरिए 21 आइटमों पर आधारित कारोबार हो रहा है।
बाघा बार्डर पर 50,000 से अधिक आइटम
विभागीय अफसरों का कहना है कि अतिरिक्त आइटमों की सूची इंडस्ट्रीज एवं ट्रेड से जुड़े संगठनों के नुमाइंदों से मश्वरे के आधार पर तैयार की गई है।
फेडरेशन आफ चैंबर आफ इंडस्ट्रीज कश्मीर के अध्यक्ष मोहम्मद अशर्रफ मीर का कहना है कि क्रास एलओसी ट्रेड के लिए प्रस्तावित अतिरिक्त आइटमों की सूची को जल्द मंजूरी मिलनी चाहिए।
क्योंकि बाघा बार्डर से पचास हजार से अधिक आइटमों का कारोबार होता है, लेकिन क्रास एलओसी ट्रेड के जरिये सिर्फ 21 आइटमों का कारोबार।