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ये विधायक तो कर्ज में डूबे पड़े हैं, जानिए कौन हैं ये
राकेश शर्मा/अमर उजाला, जम्मू
Updated Tue, 11 Nov 2014 03:16 PM IST
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जम्मू-कश्मीर विधानसभा के लिए 2008 में हुए चुनाव में जीत दर्ज कर विधानसभा में पहुंचे 33 विधायक कर्जदार थे। हजारों रुपये से लेकर करोड़ों रुपये की देनदारी इन विधायकों पर थी। इनमें नेकां, पीडीपी, कांग्रेस और भाजपा से ज्यादातर विधायक शामिल थे।
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नेशनल कांफ्रेंस से नौशेरा से जीत दर्ज कर विधानसभा पहुंचे राधे श्याम शर्मा पर 2.86 करोड़ से ज्यादा की देनदारी थी। दूसरे नंबर पर बड़े कर्जदार पीडीपी से पट्टन से सीट से जीत दर्ज करने वाले इफ्तिखार हुसैन अंसारी पर 65 लाख रुपये की देनदारी थी। बटमालू से नेशनल कांफ्रेंस से जीत दर्ज करने वाले मोहम्मद इरफान शाह पर 20 लाख रुपये की देनदारी उस समय थी।
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नेशनल कांफ्रेंस के ही अमीराकदल से जीते विधायक नासिर असलम वानी 19.81 लाख से ज्यादा के कर्ज में थे। पांचवें नंबर पर बड़े कर्जदार विधायकों में छंब से कांग्रेंस की ओर से जीत हासिल कर डिप्टी सीएम बने तारा चंद का नाम शामिल है। इन पर 14.75 लाख रुपये का कर्ज था। गुलबर्ग से नेशनल कांफ्रेंस की ओर से चुनाव जीत कर विधानसभा पहुंचे अब्दुल गनी मलिक पर 12.87 लाख रुपये की देनदारी थी।
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इसके बाद सैयद बशीर अहमद शाह का नंबर आता है जो पीडीपी की तरफ से राजपोरा से चुनाव जीत कर विधानसभा पहुंचे। उन पर साढ़े नौ लाख रुपये कर्ज था। नोबरा से निर्दलीय चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे तेंजिन नमग्याल पर 7.32 लाख रुपये की देनदारी थी। बनी से भाजपा के टिकट पर चुनाव जीते लाल चंद पर भी 5.21 रुपये का कर्ज था। मोहम्मद खलील बंद पुलवामा से पीडीपी की टिकट से चुनाव जीते थे, उन पर पांच लाख रुपये देनदारी दिखाई गई थी।
बिलावर से कांग्रेस के टिकट से चुनाव लड़ कर जीत हासिल करने वाले मनोहर लाल शर्मा पर भी पांच लाख रुपये बकाया दिखाया गया था। नेशनल कांफ्रेंस की ओर से कुपवाड़ा सीट से चुनाव जीतने वाले मीर सैफुल्ला पर भी पांच लाख रुपये का ही बकाया दर्ज था। नेशनल कांफ्रेंस की ओर से कालाकोट से चुनाव जीतने वाले रछपाल शर्मा पर भी पांच लाख रुपये की देनदारी दिखाई गई थी।
कांग्रेस के टिकट से गूल अरनास चुनाव जीतने वाले एजाज अहमद खान पर 4.94 लाख रुपये की देनदारी थी। बांडीपोरा से पीडीपी के विधायक बने निजामुद्दीन भट्ट पर चार लाख से ज्यादा, उधमपुर से पैंथर्स पार्टी की ओर से जीते बलवंत सिंह मनकोटिया 4.40 लाख बकाया थे। सांबा से पैंथर्स पार्टी के ही विधायक बने यशपाल कुंडल पर 4.33 लाख, नेकां के मोहम्मद अकबर लोन पर चार लाख, त्राल से विधायक पीडीपी के मुश्ताक अहमद शाह पर चार लाख, भाजपा के जुगल किशोर शर्मा पर भी चार लाख का कर्ज था।
गुरेज से नेकां विधायक नजीर अहमद खान पर चार लाख, ईदगाह से नेकां विधायक मुबारक मोहम्मद गुल पर भी करीब चार लाख, खन्यार से नेकां विधायक मोहम्मद अली सागर पर भी करीब 3.85, भाजपा विधायक आरएस पुरा से गारु राम भगत पर तीन लाख, पीडीपी की महबूबा मुफ्ती वाची पर 2.62 लाख रुपये, सीपीआई के कुलगाम से विधायक मोहम्मद यूसुफ पर 2.56 लाख, उड़ी से कांग्रेस विधायक ताज मोहियूद्दीन पर 1.79 लाख का कर्ज था।
मढ़ से भाजपा विधायक सुखनंदन पर भी 1.74 लाख, जम्मू वेस्ट से भाजपा विधायक चमन लाल पर 1. 55 लाख का कर्ज था। लेह से कांग्रेस विधायक नवांग रिगजिन जोरा पर एक लाख, कठुआ से निर्दलीय चरणजीत पर करीब 75 हजार, नेकां के सोपोर से विधायक मोहम्मद अशरफ गनी पर 40 हजार और जैद्दीबल से नेकां विधायक बने अफाक अहमद पर छह हजार रुपये का कर्ज था।