कश्मीर पर फिर कुदरत का कहर, बाढ़ का खतरा
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पिछले चौबीस घंटे से लगातार हो रही बारिश के कारण कश्मीर घाटी में भूस्ख्लन के कारण 44 इमारत बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हैं जिसमें 18 रिहायशी मकान शामिल है।
पुलिस द्वारा दी जानकारी के मुताबिक केंद्रीय कश्मीर के बड़गाम जिले के चोंतीनार गांव में भूस्ख्लन होने के कारण आठ रिहा्यशी मकान जबकि दस गोशाला बुरी तरह से तबाह हो गये हैं।
इस भूस्ख्लन की घटना में अभी तक किसी भी जानी माल के नुकसान की जानकारी नहीं मिली है। गांव में भूस्ख्लन की घटना घटने के बाद से पिछले वर्ष कश्मीर घाटी में हुए बाढ़ की घटना की यादें ताजा होने के साथ ही परेशानी का सबब बन गई है।
पुलिस ने जानकारी दी है कि स्थानीय लोगों का बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पहुंचा दिया गया है। ट्रैफिक पुलिस के अधिकारी ने जानकारी दी है कि भारी बारिश के चलते श्रीनगर जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग बंद कर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि हालांकि क्षतिग्रस्त सड़क के मरम्मत कार्य के चलते हाईवे बंद किया गया था लेकिन लगातार हो रही बारिश के चलते दूसरे दिन भी राष्ट्रीय राजमार्ग बंद करना पड़ रहा है।
तीन अप्रैल को भारी बारिश का अनुमान
मौसम विभाग ने अगले सप्ताह तक के मौसम के बारे में जानकारी देते हुए बताया है कि अगले छह दिनों लगातार बारिश रहेगी लेकिन तीन अप्रैल को भारी बारिश का अनुमान लगाया गया है।
इसके साथ ही बाढ़ नियंत्रण विभाग के अधिकारियों ने जानकारी दी है कि झेलम नदी का जलस्तर नहीं बढ़ा है। गौरतलब है कि पिछले वर्ष सितंबर माह में भारी बारिश के चलते कश्मीर के राजमार्ग और आस पास के क्षेत्र बाढ़ के बुरी तरह से प्रभावित हुए थे।
लाल चौक और रीगल चौक के आस पास के इलाकों में जल निकासी की समस्या के चलते अठारह इंच तक जलस्तर बढ़ने के कारण सड़क और लोगों के घरों तक पानी आ गया था।
श्रीनगर के डिप्टी कमिश्नर फारूख अहमद लोन ने बताया है कि तकनीकी खराबी के चलते बिजली सप्लाई नहीं हो पा रही है। उन्होंने बताया कि पावर स्टेशनों में पानी भरे होने के कारण बिजली सप्लाई ठप्प पड़ी हुई है।
उन्होंने कहा कि स्टेशन से पानी को बाहर निकालने के बाद ही स्टेशन की तकनीकी जांच करने के बाद सुचारु रूप से बिजली सप्लाई जारी कर दी जाएगी।