ISRO के पूर्व अध्यक्ष ने छात्रों से साझा किए मार्स मिशन के अनुभव
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सेंट्रल यूनिवर्सिटी जम्मू के अस्थायी अकादमिक ब्लाक सैनिक कालोनी में वीरवार पहुंचे इंडियन स्पेस रिसर्च आर्गनाइजेशन (इसरो) के पूर्व चेयरमैन एवं सलाहकार डा. राधा कृष्णण कोपिलिल ने फैकल्टी सदस्यों और विद्यार्थियों के साथ मार्स मिशन के साथ अन्य स्पेस तकनीक पर अनुभव साझा किए।
उन्होंने कहा कि स्पेस से जुड़े प्रोजेक्टों, तकनीक और एप्लिकेशन से हिमालयन रीजन पर ज्यादा ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। स्पेस शिक्षा और तकनीक के साथ अधिक युवा जुड़ने चाहिए। छात्रों से इंडियन स्पेस प्रोग्राम के मौजूदा और भविष्य के परिदृश्य पर चर्चा की गई।
डा. कोपिलिल ने सेंट्रल यूनिवर्सिटी में स्पेस साइंस सेंटर को स्थापित करने के साथ एम टैक प्रोग्राम शुरू करने के लिए कुलपति प्रो.अशोक आइमा की प्रशंसा की।
सेेटेलाइट लांचिंग से जुड़े विभिन्न आयामों पर बातचीत
उन्होंने कहा कि ऐसी शिक्षा से विद्यार्थियों को स्पेस के क्षेत्र में बेहतर कैरियर के विकल्प मिल सकेंगे। इस दौरान डा. केएल हांडू ने पीएसएलवी, जीएसएलवी के विभिन्न लांचिंग पैड पर प्रकाश डाला। इससे स्पेस साइंस और एप्लिकेशन के एमटेक प्रोग्राम के डिजाइन ढांचे को मजबूत बनाने में मदद मिलती है।
कुलपति प्रो. आइमा ने कहा कि स्पेस टेक्नोलाजी का नैनो साइंस और मालीकूलर साइंस हिस्सा है। पिछले एक साल में सेंट्रल यूनिवर्सिटी में विभिन्न साइंस और टेक्नोलाजिकल कोर्स शुरू किए गए हैं।
नैनो साइंस एंड मेटेरियल विभाग के एचओडी प्रो. एसके खोसा ने नैनो साइंस और मेटेरियल के विकास पर चर्चा की। इस दौरान कलस्टर यूनिवर्सिटी जम्मू की कुलपति प्रो. अंजू वसीन सहित अन्य विभागीय अध्यक्ष मौजूद रहे।