जम्मू-कश्मीरः बीएसएफ मुख्यालय में आईईडी भेजने के मामले की जांच शुरू, खंगाले गए सीसीटीवी फुटेज
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सांबा जिले के पंजटीला स्थित बीएसएफ मुख्यालय में कमांडिंग अधिकारी के नाम आए पार्सल में आईईडी निकलने के मामले पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। संतरी को गेट पर पार्सल किन लोगों ने दिया, इसके पीछे क्या मंशा होगी, पार्सल की गेट पर जांच क्यों नहीं की गई, इन पहलुओं पर जांच चल रही है। इस मामले को लेकर सुरक्षा एजेंसियां और सुरक्षा बल भी सतर्क हो गए हैं।
सूत्रों के अनुसार गेट पर खडे संतरी को बीएसएफ के अधिकारी जम्मू के पलोड़ा हेडक्वार्टर जांच के लिए ले गए हैं। सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जा रहा है। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि जब दो लोग गेट पर तैनात संतरी को पार्सल देने आए थे उस समय बिजली नहीं थी। जेनसेट चल रहा था। इस वजह से सीसीटीवी की फुटेज निकलने में बाधा आ रही है।
यह भी सवाल खड़ा हो रहा है कि आखिर कमांडिंग अधिकारी के नाम के पार्सल की गेट पर जांच क्यों नहीं की गई। इस बाबत बीएसएफ के अधिकारी कुछ भी बताने से इंकार कर रहे हैं। खुफिया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पार्सल में रखी आईईडी को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। पुलिस थाना सांबा में मामला भी दायर कर लिया गया है। पुलिस गंभीरता से जांच करने में जुटी है।
कमांडेंट के नाम का पार्सल संतरी को देकर चला गया
ज्ञात हो कि घुसपैठ में लगातार नाकाम रहने के बाद अब पाकिस्तान ने नापाक साजिश के तहत 173वीं वाहिनी के बीएसएफ मुख्यालय में आईईडी युक्त पार्सल भेजकर नुकसान पहुंचाने की कोशिश की थी। सतर्कता से यह हादसा टल गया था। यहां के कमांडेंट के नाम का पार्सल संतरी को कोई व्यक्ति गेट पर देकर चला गया।
शनिवार को दो युवकों ने मोटरसाइकिल से पहुंचकर पार्सल गेट पर छोड़ा था। चूंकि यह किसी के व्यक्तिगत नाम पर नहीं बल्कि कमांडेंट के नाम पर था। इस वजह से प्रभारी कमांडेंट ने इसे खोला। यह 100 ग्राम की क्षमता की आईईडी थी। यदि इसमें विस्फोट होता तो यह एक व्यक्ति की जान ले सकता था। सुरक्षा एजेंसियां इस प्रकार की आईईडी का स्रोत का भी पता लगाने का प्रयास कर रही है।